ज्योतिरादित्य सिंधिया 18 साल कांग्रेस में रहे और लगातार चार बार सांसद बने आज कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस्तीफे में यह भी कहा है कि वह अपने लोगों, कार्यकर्ताओं और राज्य के लिए कांग्रेस में रहकर काम नहीं कर पा रहे हैं। ज्योतिरादित्य सिंधिया के इस्तीफे के तुरंत बाद उनके समर्थक विधायकों ने ताबड़तोड़ इस्तीफा देना शुरू कर दिया है, इस्तीफा देने वाले विधायकों की संख्या अब 22 हो गई है, तो वहीं दूसरी ओर भोपाल से लेकर दिल्ली तक कांग्रेस खेमे में भूचाल मच गया है, विधायकों के इस्तीफे के बाद कमलनाथ सरकार खतरे में आ गई हैं।
वहीं ज्योतिरादित्य सिंधिया के बेटे महाआर्यमान का ट्वीट, मुझे अपने पिता पर गर्व है कि उन्होंने अपने लिए स्टैंड लिया। एक विरासत छोड़ने के लिए हिम्मत की जरूरत होती है। इतिहास खुद बताता है कि मेरा परिवार कभी सत्ता का भूखा नहीं रहा। वादे के मुताबिक हम भारत और मध्यप्रदेश में प्रभावी बदलाव लाएंगे।

कांग्रेस से इस्तीफे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद अब लगभग तस्वीर साफ हो गई है। कहा जा रहा है कि जल्द ही ज्योतिरादित्य सिंधिया भारतीय जनता पार्टी का दामन थामेंगे। इससे एक चीज और भी स्पष्ट होती है कि कमलनाथ की कांग्रेस सरकार अब गिर जाएगी। कारण है कि सिंधिया के 17 समर्थक विधायक पहले ही कांग्रेस की पहुंच से बाहर हो चुके हैं।
इससे पहले मध्य प्रदेश की कांग्रेस सरकार के छह मंत्री समेत कुल 17 विधायक बेंगलुरु जा चुके हैं। ये सभी विधायक और मंत्री सिंधिया के गुट के ही हैं। इस बात की पूरी उम्मीद है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया अब भाजपा में जाने वाले हैं। अब यह देखना होगा कि भाजपा उन्हें केंद्र में ले जाती है या फिर उन्हें मध्य प्रदेश में ही कोई बड़ी जिम्मेदारी दी जाएगी।


Input: Jagran



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