इंटर रिजल्ट में जिले के स्टूडेंट्स के प्रदर्शन में लगातार सुधार हो रहा है। पिछले 4 वर्षों में 30 फीसदी तक रिजल्ट बढ़ गया है। वर्ष 2019 में जिले में स्टूडेंट्स की सफलता का ग्राफ 53 फीसदी के आसपास था। पिछले वर्ष करीब 78 फीसदी से अधिक रिजल्ट हुआ था। इस वर्ष इंटर में जिले का रिजल्ट 83 फीसदी रहा। शहर के मुकाबले गांव के स्कूलों से अधिक टॉपर निकले हैं। इसमें भी बेटियों की संख्या बेटों पर भारी है। आर्ट्स और कॉमर्स में बेटियों का दबदबा है तो साइंस में लड़कों ने अपना लोहा मनवाया है। अॉब्जेक्टिव से लेकर सब्जेक्टिव में दोगुना विकल्प होने के कारण जिले का रिजल्ट लगातार बेहतर हो रहा है।
इस वर्ष की परीक्षा में भी प्रश्नों की संख्या दोगुनी थी। उसमें से आधे का जवाब ही स्टूडेंट्स को देना था। वहीं, 50 फीसदी सवाल ऑब्जेक्टिव से आए थे। डीईओ अजय कुमार सिंह ने बताया कि जिले के रिजल्ट में सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि स्टूडेंट्स इस प्रदर्शन को बरकरार रखें। टॉपर्स के स्कूलों में कई विषयों में शिक्षक नहीं होने के सवाल पर डीईओ ने कहा कि सातवें चरण में शिक्षक नियोजन की प्रक्रिया निकट भविष्य में शुरू होने की उम्मीद है। इससे सभी स्कूलों में शिक्षकों की संख्या बढ़ेगी।
तीनों संकायों के टॉप -3 में 10 स्टूडेंट्स, इसमें 8 छात्राओं ने मारी बाजी
आर्ट्स, साइंस और कॉमर्स के टॉप- 3 की सूची में 10 स्टूडेंट्स हैं। इसमें भी 8 छात्राएं हैं। कॉमर्स में टॉप- 3 में केवल छात्राओं ने ही अपना स्थान सुनिश्चित किया है। साइंस में टॉप-3 में 2 छात्र और 2 छात्राएं हैं। आर्ट्स टॉप- 3 में 1 छात्रा और 2 छात्राएं हैं। साइंस और कॉमर्स में बेटियां जिला टॉपर बनी हैं।
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उत्साह : दूध विक्रेता की बेटी साइंस में जिला टॉपर, आईएएस है मंजिल
दूध विक्रेता की बेटी इंटर साइंस में जिला टॉपर बनी है। हाई स्कूल मुरौल की छात्रा सानिया कुमारी को इंटर में 500 में से 456 अंक मिले हैं। पिता सुरेश यादव दूध का कारोबार करते हैं। मां सीमा कुमारी जीविका में काम करती हैं। छात्रा ने बताया कि उसे गणित में 97, अंग्रेजी में 85, हिंदी में 95, केमेस्ट्री में 90 और फिजिक्स में 89 अंक मिले हैं। अब वह आर्ट्स संकाय से पढ़ाई करेगी। स्नातक करने के बाद आईएएस की तैयारी करेगी।
खुशी : पान दुकानदार की बेटी भी बनी जिला टॉपर, बनेगी रिसर्चर
पान दुकानदार की बेटी तृषा कुमारी इंटर साइंस में जिला टॉपर बनी है। वह दाउद छपरा की रहने वाली है। पिता भरत साह की पान दुकान है। मां सीमा देवी गृहिणी हैं। उसे 500 में से 456 अंक मिले है। आगे वह फिजिक्स अॉनर्स की पढ़ाई करेगी और रिसर्चर बनेगी। छात्रा ने बताया कि उसे फिजिक्स में कम अंक मिले हैं। केमिस्ट्री के पेपर अच्छे नहीं गए थे। खुद पर विश्वास रखना ही उसकी सफलता का मूलमंत्र है।
कामयाबी- बढ़ई का बेटा आर्ट्स में जिला टॉपर, बनना चाहता है आईएएस
बढ़ई के बेटे शुभम कुमार ने इंटर आर्ट्स में जिला टॉपर बनने का गौरव हासिल किया है। शुभम सकरा के मिश्रौलिया का रहने वाला है। उसके पिता संजीत शर्मा फर्नीचर बनाते हैं। मां रेखा शर्मा गृहिणी हैं। उसे 500 में 448 अंक हासिल हुए हैं। शुभम ने बताया कि अब वह डीयू या बीएचयू से स्नातक की पढ़ाई करेगा। इसके बाद आईएएस की तैयारी करेगा। वह शुरू से ही सभी विषयों का नोट बनाकर पढ़ाई करता था। उम्मीद थी कि वह जिला टॉपर में अपना स्थान हासिल करेगा।
कॉमर्स की जिला टॉपर कोमल बनना चाहती है सीएमए
आरडीएस कॉलेज की छात्रा कोमल ने कॉमर्स में जिला टॉपर होने का गौरव हासिल किया है। वह माता-पिता की इकलौती संतान है और अब डीयू से स्नातक कर सीएमए बनना चाहती है। उसे 500 में से 459 अंक मिले हैं। सिद्धार्थपुरम रामदयालु लेन नंबर-2 अतरदह निवासी कोमल ने बताया कि मुक्तिनाथ मंदिर के सामने पिता की स्टेशनरी की दुकान है। जिला टॉपर बनने से खुशी है। उसे हिंदी में उम्मीद से कम अंक मिले हैं। पिता अशोक कुमार गिरि ने बताया कि बेटी ने उनकी मेहनत का फल दिया है।



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