बांका में प्रेमिका से मिलने 12 किलोमीटर पैदल चलकर आया था प्रेमी। प्रेमी को चुप चुप कर अपनी प्रेमिका से मिलना महंगा पड़ गया। प्रेमी को ग्रामीणों ने पकड़कर पीटा फिर दोनों की मंदिर में करा दी शादी। मामले में पुलिस का कोई हस्तक्षेप नहीं रहा और ग्रामीण स्तर पर ही निपटा लिया गया। गांव में चर्चा का विषय बना है
मामला रविवार रात की है। जहां रात भर हाइ वोल्टेज ड्रामें के बाद दोनों की शादी करा कर सोमवार की सुबह 9 बजे दोनों को विदा कर दिया गया।
बांका जिला के शंभूगंज प्रखंड क्षेत्र में प्रेमधुन में मगन बांका जिला स्थित फुल्लीडुमर के डोमो गांव का एक प्रेमी पैदल अपनी प्रेमिका से मिलने करंजा गांव पहुंच गया। जहां नहर किनारे एक ठिकाने पर दोनों को प्रेमालाप करते ग्रामीणों ने पकड़ा। पहले तो ग्रामीणों ने प्रेमी की धुनाई की। उसको बचाने के लिए प्रेमिका कवच बनकर प्रेमी के सामने आ गई। बाद में ग्रामीणों ने ही गांव के शिव मंदिर में उनदोनों की शादी करा दी।
दरअसल डोमो के सुभाष दास का 22 वर्षीय पुत्र नीतीश दास का करंजा के सुशील दास की पुत्री सुनैना से प्यार हो गया। नीतीश दास टेंट हाउस में काम करता है। करीब एक वर्ष पहले किसी शादी समारोह में डीजे बजाने करंजा आया था। इस दौरान नीतीश और सुनैना से आंखे चार हो गई। धीरे – धीरे बात मोबाइल से शुरू हुआ। प्यार इस तरह परवान चढ़ते गया कि एक साथ जीने – मरने की कसम तक खा लिया। नीतीश रोजी – रोजगार पर ध्यान न देकर हमेशा सुनैना की याद में खोते चला गया। इसके बाद योजना बनाकर नीतीश बगैर घर में कुछ बताए पैदल पांव बहियार होते हुए प्रेमिका से मिलने करंजा पहुंच गए । शाम ढलने के बाद नहर केनाल पर सूने स्थान में दोनों प्रेमालाप में मगन हो गए। इस बीच किसी ग्रामीणों की नजर पड़ी। फिर दोनों को ग्रामीणों ने घेर लिया। शिव मंदिर में दोनों के स्वजनों के समक्ष पंचायत लगी। प्रेमी ने भी बगैर देर किए सुनैना की मांग भर दी। इस शादी के गवाह शिव- पार्वती के अलावा सैकड़ों ग्रामीण बने। गांव में यह चर्चा का बना है।



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