गर्मी बढ़ने के साथ ही उत्तर बिहार के जिलों में चिकन पॉक्स का प्रकोप शुरू हो गया है। मुजफ्फरपुर शहर समेत जिले के पांच प्रखंडों में चिकन पॉक्स से पीड़ितों की संख्या लगातार बढ़ रही है। औराई, कटरा, बंदरा, कुढ़नी और बोचहां प्रखंड में तीन दर्जन से अधिक बच्चे इससे पीड़ित हैं।
औराई व कटरा में 10, बंदरा और कुढ़नी के मनियारी में 16 और बोचहां में 12 बच्चे पीड़ित हैं। इनमें 6 से 15 साल तक के बच्चे ज्यादा प्रभावित हैं। वहीं, शहर के बीबीगंज, भगवानपुर, मिठनपुरा और जीराेमाइल समेत अन्य इलाके में दाे दर्जन से अधिक मरीज इस बीमारी से पीड़ित हैं।
वहीं, पश्चिम चंपारण समेत कई अन्य जिलों में भी बीमारी का प्रकोप बढ़ गया है। पश्चिम चंपारण के योगापट्टी और मझौलिया प्रखंड में भी करीब दो दर्जन लोग चिकन पॉक्स का शिकार हो गए हैं। चिकन पाॅक्स का प्रकोप बढ़ने की सूचना पर मुजफ्फरपुर जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम शुक्रवार काे प्रभावित गांवों में पहुंची।
पीड़ित बच्चाें की जांच कर दवा का वितरण किया। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एसके पांडेय ने बताया कि गर्मी का मौसम शुरू होते ही चिकन पॉक्स शुरू हाे जाता है। लापरवाही बरतने पर बीमारी गंभीर हो जाती है। चिकन पॉक्स एक वायरल बीमारी है। इस कारण एक से दूसरे मरीज में बहुत तेजी से फैलता है।
इसकी चपेट में आने पर बुखार होने के साथ शरीर में दाने निकलने शुरू हो जाते हैं। मरीज काफी कमजाेर हाे जाता है। गलत अवधारणा के चलते अधिकतर लोग चिकन पॉक्स होने पर मरीज को कमरे में बंद कर झाड़-फूंक शुरू कर देते हैं। मरीज को दवा खिलाना घातक समझते हैं जबकि सच्चाई है कि दवाओं से बहुत जल्द मरीज ठीक हो जाते हैं।
बोचहां के सलहा में आज जाएगी टीम
बोचहां के सर्फुद्दीनपुर के सलहा गांव के किशोर सहनी के पुत्र जितेंद्र कुमार (15), विपिन सहनी के पुत्र प्रिंस (9), लालू साहनी के पुत्र रितिक (6), अवधेश भगत की पुत्री अंचल कुमारी (5), पुत्र प्रिंस (3), राधेश्याम भगत की पुत्री शिवानी (5), लालू भगत के पुत्र संतोष कुमार (10), रीता देवी (25), पुत्री मीरा कुमारी (2), पुत्र रोशन कुमार (5), शंभू सहनी की पुत्री सुनीता कुमारी (6), अमन कुमार, आंचल कुमारी व अन्य शामिल हैं।
किशोर सहनी की मां ने बताया कि सबसे पहले रंजीत सहनी के पुत्र विवेक कुमार व आशीष कुमार के शरीर पर चकते अाए। इसके बाद धीरे-धीरे परिवार के सभी सदस्य इससे ग्रसित हो गए। सीएचसी प्रभारी पदाधिकारी डॉ. अतुल कुमार ने बताया शनिवार को एक चिकित्सीय दल गांव भेजा जाएगा और घर-घर जाकर बच्चों की जांच की जाएगी।
बचाव की तैयारी में जुटा महकमा
सिविल सर्जन डाॅ. उमेश चंद्र शर्मा ने बताया कि इस बीमारी से बचाव के लिए तैयारी भी शुरू कर दी है। दवाओं का स्टॉक भी उपलब्ध करा दिया गया है। जिले में फिलहाल वायरल बीमारी का प्रकोप तेजी से फैल रहा है। हालांकि, मरीजाें की संख्या अभी काफी कम है। सभी पीएचसी प्रभारियाें काे अलर्ट जारी कर दिया गया है। अाशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से घर-घर की जानकारी लेकर बचाव के लिए काम करने का निर्देश दिया गया है।
बचाव के तरीके :
चिकन पॉक्स रोकने का सबसे सुरक्षित उपाय टीकाकरण है। इसका टीका चिकित्सकीय सलाह पर बच्चों को दिया जाता है। सार्वजनिक कार्यक्रमों में जाने से बचें। बैक्टीरियल संक्रमण होने पर समुचित इलाज लिया जाए।



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