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बिहार में युवती ने मनुस्मृति जलाई,उससे चूल्हा जलाकर मीट पकाया, सिगरेट भी सुलगाई

रामचरित मानस के बाद अब बिहार में मनुस्मृति पर हंगामा मचा है। बिहार के शेखपुरा की रहने वाली युवती प्रिया दास ने मनुस्मृति को जलाकर चूल्हे पर मीट पकाया। फिर उससे सिगरेट भी जलाई। मनुस्मृति जलाते हुए प्रिया दास का वीडियो भी सामने आया है, जिस पर विवाद छिड़ा है।://

इस वीडियो में दिख रहा है कि प्रिया मीट पका रही हैं। पहले वे मनुस्मृति को दिखाती हैं, जिसके ऊपर ब्रह्मा की फोटो है। फिर कहती है- यह एक घटिया किताब है। इसके बाद वे लकड़ियों के साथ मनुस्मृति को भी चूल्हे में डाल देती हैं। इसी दौरान वे बीच-बीच में जलती हुई मनुस्मृति से सिगरेट जलाकर धुआं उड़ाते हुए दिखती हैं।

किताब को जलावन के तौर पर चूल्हे में लगाकर मीट पकाती प्रिया दास।

किताब को जलावन के तौर पर चूल्हे में लगाकर मीट पकाती प्रिया दास।

शिक्षिका बनना चाहती हैं प्रिया, राजद से भी जुड़ी हैं
जानकारी के अनुसार, प्रिया दास एक एक्टिविस्ट हैं। टीचर्स ट्रेनिंग कर रही हैं। वे पॉलिटिकली भी एक्टिव रहती हैं। वह राजद महिला प्रकोष्ठ की सचिव भी हैं। डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव के साथ उनकी तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर सामने आई हैं।

तेजस्वी यादव के साथ प्रिया की तस्वीर।

तेजस्वी यादव के साथ प्रिया की तस्वीर।

किताब को जलाकर इससे मीट पकाने का तर्क
वीडियो वायरल होने के बाद प्रिया दास खुद कैमरे पर भी आईं। उन्होंने कहा कि ये तो सिर्फ एक्शन है, क्योंकि इसकी नींव बहुत पहले बाबा साहब आंबेडकर रख चुके हैं। अभी तो उन्होंने मनुस्मृति जला कर ढोंग और पाखंडवाद पर वार किया है। इसको अस्तित्वविहीन करना है।

मनुस्मृति के बारे में वे कहती हैं कि यह एक घटिया किताब है, क्योंकि किताब का मकसद शिक्षा देना होता है, ज्ञान देना होता है। यह किताब बच्चे के जन्म के पहले ही उसकी जाति और उसके कामकाज तय करती है। यह किताब किसी जाति को भगवान तुल्य बताती है। किसी को हीन भाव से देखती है। यह समाज को जोड़ने वाली नहीं, बल्कि तोड़ने वाली किताब है। समाज में विभेद पैदा करती है। इस किताब में पुरुष को भगवान और स्त्री को भोग की वस्तु कहा गया है।

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