आगरा: करोना (Coronavirus) के चलते देश में 21 दिनों का लॉकडाउन है. आज इसका 12वां दिन है. सब कुछ बंद होने के चलते लोगों को दि’क्कतों का सामना करना पड़ रहा है. हालांकि इस बीच प्रकृति का एक अलग ही रंग देखने को मिला है. वायु प्रदू’षण में बेत’हाशा कमी आई है. दिल्ली-NCR के लोग स्वच्छ हवा में सांस ले रहे हैं वहीं पंजाब के जालंधर से हिमाचल की बर्फीली चोटियां नजर आने लगी हैं. इतना ही नहीं जिन नदियों की सफाई के लिए सरकारें सैकड़ों करोड़ खर्च कर रही थीं अब वो अपने आप स्वच्छ हो गई हैं.

जी हां, देश की प्रमुख नदियां गंगा और यमुना न सिर्फ साफ हो गई हैं बल्कि इनका जल स्तर भी बढ़ रहा है. सूखकर दम तोड़ने की कगार पर पहुंच चुकी यमुना में फिर से जान दिखाई देने लगी है. आगरा में ताजमहल के पीछे कल-कल बहती यमुना नदी लॉकडाउन की कुछ और ही कहानी बयां कर रही है. यहां यमुना नदी बिलकुल सूखने की कगार पर थी लेकिन आज-कल लॉकडाउन के चलते यमुना के जलस्तर में बढ़ोतरी दिखाई दे रही है. साथ दी दिल्ली में यमुना नदी में गंदगी के कारण पहले सफेद झाग सा दिखाई देता था लेकिन अब नदी का पानी बिलकुल स्वच्छ हो गया है.
लॉकडाउन की वजह से 24 मार्च से ही देश की 1.3 अरब आबादी घरों में सिमटी हुई है, फैक्ट्रियां बंद हैं, दुकानें बंद हैं, इस कारण गंगा में फैक्ट्रियों का दू’षित पानी नहीं मिल रहा है, जिसके चलते गंगा स्वच्छ और अविरल बह रही है.

केंद्रीय प्र’दूषण नियंत्रण बोर्ड का कहना है कि ज्यादातर निगरानी केंद्रों में गंगा नदी के पानी को नहाने लायक पाया गया है. सीपीसीबी के वास्तविक समय के निगरानी आंकड़ों के अनुसार, गंगा नदी के विभिन्न बिन्दुओं पर स्थित 36 निगरानी इकाइयों में करीब 27 बिन्दुओं पर पानी की गुणवत्ता नहाने और वन्यजीव तथा मत्स्य पालन के अनुकूल पाई गई है.,
आपको बता दें कि आमतौर पर अप्रैल के महीने में गंगा का पानी घाट को छोड़कर दूर चला जता था पर अभी तस्वीर कुछ और देखने को मिल रही है. गंगा स्वच्छ होने के साथ-साथ उसका जल स्तर भी बढ़ रहा है.
Input: Zeenews



Leave a Reply