मैट्रिक परीक्षा में जूते-मोजे पहन कर पहुंचने पर अभ्यर्थियों को एंट्री नहीं मिलेगी। अभ्यर्थियों को चप्पल में ही प्रवेश दिया जाएगा। दोनों ही पालियों में परीक्षा शुरू होने से 30 मिनट पहले ही केंद्रों पर एंट्री रोकी जाएगी। देर से पहुंचने वाले अभ्यर्थियों को किसी भी सूरत में प्रवेश नहीं मिलेगा। मंगलवार से जिले के 76 केंद्रों पर दो पालियों में मैट्रिक परीक्षा शुरू होगी। इसको लेकर सभी केंद्राधीक्षकों को निर्देश जारी किया गया है। पहली पाली में 9 बजे तक और दूसरी पाली में 1 बजकर 15 मिनट तक ही प्रवेश मिलेगा।
परीक्षा हॉल में एक बेंच पर अधिकतम दो ही परीक्षार्थी बैठाए जाएंगे। गेट पर सभी अभ्यर्थियों की सघन तलाशी ली जाएगी। वैसे स्टूडेंट्स जिनके प्रवेश पत्र में किसी तरह की त्रुटि है तो भौतिक सत्यापन कर संतुष्ट होने के बाद ही केंद्राधीक्षक एंट्री कराएंगे। इसके लिए परीक्षार्थी को पंजीयन कार्ड व प्रवेश पत्र के साथ आधार कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाईसेंस, पैन कार्ड, पासपोर्ट या फोटोयुक्त बैंक पासबुक में से किसी एक को उपलब्ध कराना होगा।
ट्रैफिक जाम से बचने के लिए परीक्षा शुरू होने से 1 घंटा पहले ही केंद्र पर पहुंचें परीक्षार्थी
इंटर की तरह मैट्रिक परीक्षा में सड़कों पर जाम मुक्त करने के लिए कोई विशेष ट्रैफिक प्लान नहीं है। ऐसे में ऐसे में परीक्षार्थियों के साथ – साथ परिजनों और राहगीरों को भी जाम से जूझना होगा। परीक्षार्थियों की संख्या 22 हजार अधिक है। ऐसे में शहर की सड़कों पर जाम लगना तय है। बोर्ड के संशोधित नियम के कारण अब केंद्रों के भीतर स्टूडेंट्स को परीक्षा शुरू होने से 30 मिनट पहले तक एंट्री कर लेनी है।
ऐसे में उन्हें जाम से बचने के लिए घर से पहले निकलना होगा। इतना पहले की परीक्षा शुरू होने से 1 घंटा पहले वे हर हाल में केंद्र पर पहुंच जाएं। शहर जाम के गिरफ्त में होगा ऐसे में स्टूडेंट्स की सजगता ही उन्हें परेशानी से बचाएगी। जिला प्रशासन के पास कोई विशेष ट्रैफिक प्लान नहीं है।




Leave a Reply