बक्सर जिले के निवासी पूर्व DGP गुप्तेश्वर पाण्डेय ने नेताओं के लिए बड़ी बात कह दी है। उन्होंने कहा कि राजनीति अब सत्ता पाने की स्वार्थ तक ही रह गई है। जिसे पाने के लिए नेता किसी भी स्तर तक गिर जाते हैं। रामचरितमानस पर सवाल उठाने वालों को जबाब देते हुए कहा कि राम सत्य है और सत्य ही रहेगें, सनातन है सनातन रहा है, सनातन ही रहेगा। साथ ही कहा कि रामचरित मानस और वेद को वहीं समझ सकता है। जिसके पास चेतना हो। रजोगुण का उत्कर्ष हो तमोगुण का उत्कर्ष हो उन्हें रामचरित मानस समझ मे नही आएगा।
बता दें कि बिहार के शिक्षा मंत्री द्वारा रामचरितमानस की चौपाई पर दिया गया बयान बिहार ही नही बल्कि देश स्तर पर विवाद का कारण बन गया है। जिसको लेकर पक्ष विपक्ष आमने सामने आ गया है। अभी यह विवाद थमा ही नही था कि तभी RSS प्रमुख मोहन भागवत का ब्राह्मणों के ऊपर विवादित बयान से राजनीति गरमा गई है। इन दोनों विवादित बयानों पर कथा वाचक गुप्तेश्वर पाण्डेय से जब पूछा गया तो उन्होंने ने कहा राजनीत की बात मत करिये क्यूकी राजनीत आजकल सत्ता प्राप्त करने का ज़रिया बन गया है। सत्ता प्राप्त करने के लिए राजनेता तो कभी भी किसी स्तर पर जा सकते है। चुकी मैं राजनीति में नही हूं तो उसपर टिप्पणी नही कर सकता।
मोहन भागवत के बयान जाती ब्राह्मणों ने बनाया है पर गुप्तेश्वर पाण्डेय ने कहा कि मैंने सुना नही है मैं सुनुगा समझूंगा तब कुछ कहूंगा।लेकिन फिर ऐसा कहा है तो यह गलत बात है।क्यो की हर नौकरी में सरकार ही जाती लिखने के लिए नियम बनाई है।बक्सर जिले के गेरुआबांध गांव के निवासी 2020 में समय से पहले VRS ले लिया था।उस वक्त उनके चुनाव लड़ने की चर्चाएं तेज थीं। उस वक्त माना जा रहा था कि पांडेय एनडीए के उम्मीदवार के तौर पर अपनी सियासी किस्मत आजमा सकते हैं। उस वक्त जदयू में शामिल भी हुए।लेकिन खाकी के बाद खादी नही अच्छा लगा तो गेरुआ धारण कर कथा वाचक बन गये।



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