मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल याेजना के तहत घर-घर नल जल के लगी पाइप कई जगहाें पर फटी हुई हैं। कई टंकियां ध्वस्त हाे चुकी हैं। कुछ ताे बनने के कुछ ही दिन बाद। …और याेजना की हालत ये है कि अधिकतर जगहाें पर इससे जलापूर्ति नहीं हाे रही। इस बीच पूरी याेजना की माॅनिटरिंग के लिए जिलास्तर पर पेयजल नियंत्रण कक्ष बना। सभी नल जल योजनाओ में आईओटी डिवाइस लगानी थी, ताकि उनके क्रियाशील हाेने की जानकारी नियंत्रण कक्ष से ही मिल सके।
जिला पंचायती राज कार्यालय से इसके लिए एजेंसी का चयन कर दिसंबर 2020 तक सभी याेजनाओं में आईोटी डिवाइस लगाने के लिए एग्रीमेंट हुआ था। चयनित एजेंसी सीजर वेब टेक्नाेलाॅजी काे 36.29 लाख रुपए एडवांस भी दे दिए गए। लेकिन, कुढ़नी प्रखंड की आधा दर्जन याेजनाओं में इस डिवाइस काे लगाकर एजेंसी गायब है। जिला कंट्रोल रूम में भी महज एक टीवी लगा है जिस पर कुछ कर्मचारी मैच देखते रहते हैं। एजेंसी काे पूर्व जिला पंचायती राज अधिकारी सुषमा कुमारी ने बार-बार चेतावनी दी, लेकिन एजेंसी की ओर से काेई सामने नहीं आया।
बता दें कि पंचायताें में लगी नल-जल याेजना को लेकर विभाग में लगातार शिकायतें अा रही थीं। प्रखंडों के वरीय प्रभारी अधिकारियों की जांच में भी अधिकतर जगह नल से पानी नहीं निकलने समेत विभिन्न प्रकार की वित्तीय अनियमितता की रिपोर्ट मिल रही थी।
इसे देखते हुए ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव मिहिर सिंह ने अब तक इस याेजना के लक्ष्य 68372 में पूर्ण हाे चुकी 45467 याेजनाओं में आईओटी डिवाइस लगवाने का निर्देश दिया। ताकि, इन याेजनाओं के क्रियाशील हाेने के संबंध में जिला कंट्रोल रूम काे लगातार जानकारी मिल सके। दिसंबर 2020 तक जिले की 4081 नल जल योजनाओं में आईओटी डिवाइस लगाने का एजेंसी से एग्रीमेंट हुआ था।
अब तक सिर्फ कुढ़नी की आधा दर्जन याेजनाओं में लगी डिवाइस, कंट्राेल रूम में भी महज एक टीवी
केस 01- बाड़ा जगन्नाथ में हुई थी राशि की वसूली, पर योजना अधूरी
मुशहरी प्रखंड की बाड़ा जगन्नाथ पंचायत के पूर्व मुखिया ने नल जल योजना काे पूरा कराने के बदले उसकी राशि का चेक ही अपने पुत्र के नाम पर ट्रांसफर कर दिया था। हालांकि, पंचायत के दाे वार्डों में योजना के नहीं लगने पर इसकी शिकायत के आधार पर मुखिया पर कार्रवाई का मामला शुरू हुआ तो उसने राशि वापस की थी। उसके बाद काम शुरू भी हुआ। लेकिन, अब भी पंचायत के दाे वार्डाें में योजना अधूरी है तथा लाेगाें काे घर-घर स्वच्छ जल नहीं मिल रहा है।
केस 02- आलमपुर सिमरी पंचायत में कई स्तरों पर अनियमितता
औराई प्रखंड की आलमपुर सिमरी पंचायत की वार्ड संख्या-13 में मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल योजना के तहत बीडीओ की जांच रिपोर्ट में अनेक प्रकार की अनियमितता पाई गई थी। एक तो पाइप की गुणवत्ता ठीक नहीं थी दूसरी तरफ उसे 3 फीट के बदले ऊपर ही गाड़ दिया गया था। पीतल के बदले प्लास्टिक के नल लगाये जाने के बाद भी अधिकारी मामले में कार्रवाई करने के बदले उसे छिपाने में लगे रहे।
इन जगहों पर भी ध्वस्त हो चुकी है नल जल की टंकी
- साहेबगंज प्रखंड की रामपुर सितुआही गांव में जून 2021 में उद्घाटन के पूर्व ही जलापूर्ति की दोनों टंकियां जमीन पर गिर कर ध्वस्त हो गई थीं। वहां आज भी घरों में पानी नहीं पहुंच रहा।
- मीनापुर प्रखंड की घोसौत पंचायत के वार्ड-12 में भी जुलाई 2022 में नल जल योजना की टंकी फट कर बेकार हो गई थी।
- औराई प्रखंड की नयागांव पंचायत में 5 वर्ष पूर्व नवनिर्मित जलमीनार ही गिर गई। इसी प्रकार करीब 3 साल पूर्व अतरार पंचायत में जलमीनार और विगत वर्ष सरहंचिया पंचायत में पानी की टंकी क्षतिग्रस्त हो गई थी।



Leave a Reply