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12वें दिन बाघ ने जंगली सुअर को मार डाला:सीतामढ़ी में ड्रोन से टाइगर की तलाश, पकड़ने के लिए नई जगह पर रखा गया पिंजड़ा

सीतामढ़ी में बाघ ने 12वें दिन सोमवार के साम को फिर से एक और जानवर का शिकार किया है। घटना शहर से सटे परोड़ी पुल के समीप सरेह की है। जहां बाघ ने एक और जंगली सुअर को अपना शिकार बना लिया। इससे पूर्व बाघ द्वारा एक नीलगाय का भी शिकार करने की बात सामने आई है। लेकिन उस नीलगाय का सुराग नहीं मिला हैं।

शक है कि पछाड़ने के दौरान झाड़ी में ही नीलगाय पर हमला किया गया हैं। वन विभाग की रेस्क्यू टीम ने सोमवार की साम जंगली सुअर के सर के कुछ अवशेष बरामद की है। बाघ की तलाश को लेकर वन विभाग की टीम परोड़ी पुल के समीप खरौरी के पास पिजड़ा रखा गया है। अब तक बाघ ने 6 से अधिक जानवरों को अपना शिकार बना लिया है।

ड्रोन से आधे घंटे तक बाघ को खोजा

बाघ के न पकड़ में न आने का सबसे बड़ा कारण है कि वह अपना भूख मिटाने के लिए रात को शिकार कर लेता है। वही जिस झाड़ी में छिपता है वहा भी वह किसी न किसी जानवर को शिकार कर लेता है। वही एक ओर वन विभाग उसे पकड़ने के लिए पिंजरे में मारे गए जानवर को रख उसका इंतजार में जुटा रहता है।

वन विभाग की रेस्क्यू टीम ने सोमवार की साम जंगली सुअर के सर के कुछ अवशेष बरामद की है।

वन विभाग की रेस्क्यू टीम ने सोमवार की साम जंगली सुअर के सर के कुछ अवशेष बरामद की है।

सोमवार को बाघ की तलाश में रेस्क्यू टीम ने करीब आधे घंटे तक परोड़ी पुल स्थित सरेह में ड्रोन से तलाश करती रही। जहां रेस्क्यू टीम को सरेह से जंगली सुअर का शिकार किया गया अवशेष मिला है। रेस्क्यू टीम के अधिकारी ने बताया कि जानवर के अवशेष के पास बाघ के पगमार्क मिले हैं। आशंका है कि बाघ खरौड़ी (झाड़ी) में छुपा है।

बाघ को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया गया है।

बाघ को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया गया है।

क्या कहते हैं अधिकारी

सीतामढ़ी वनों के क्षेत्र पदाधिकारी श्रवण कुमार सोरेन ने बताया कि बाघ ने एक जंगली सुअर को अपना निवाला बनाया है। जहां पर बाघ को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया गया है। ड्रोन से बाघ की तलाश जारी है। जल्द ही बाघ को पकड़ लिया जाएगा। वहीं बताया कि उनके नेतृत्व में आज पूरे दिन बाघ की खोज की गई।

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