पटना में पिछले 22 दिनों से राजेंद्र नगर के भूषण गली से लापता लड़की को कदमकुआं पुलिस द्वारा बरामद कर लिया गया है। मानसिक रूप से कमजोर लड़की को उसके घर के पास से अगवा किया गया था। जिसके बाद उसे किशनगंज में बंधक बनाकर रखा गया था। पुलिस ने जांच कर अगवा लड़की को 23वें दिन किशनगंज से बरामद कर पटना लाई है।
जानिए, कैसे हुई थी लड़की अगवा
घर के पास से अगवा लड़की पिछले महीने 19 दिसंबर की शाम से गायब हुई थी। पीड़ित लड़की की मां का कहना है कि उनकी बेटी मानसिक रूप से कमजोर है जिसे घर के पास से अगवा किया गया था। मां ने बताया कि पीड़ित लड़की अक्सर शाम के वक़्त गली में घूमने निकाला करती थी। हर दिन की तरह ही लड़की 19 दिसंबर को भी राजेंद्रनगर के भूषण गली में घूमने निकली थी और उसी दौरान उसे अगवा कर लिया गया था। मां ने बताया शाम 5:30 बजे लड़की का सेल फोन ऑफ कर दिया गया। इसके बाद आरोपी उसे लेकर अपने किसी दोस्त के घर पर जाकर कुछ घंटों के लिए रुका था। और फिर पटना से निकलकर हाजीपुर से बस पकड़ कर वह लड़की को लेकर किशनगंज चला गया। जहां उसने उनकी बेटी को बेचा था।
आरोपी कभी भी अपना सही नाम नहीं बताता
लड़की की मां ने बताया कि 19 सितंबर की शाम 5:30 बजे से बंद सेलफोन अगले दिन यानी 20 दिसंबर के दोपहर 12:00 बजे के बाद ऑन होता है। जो अगले 3 दिनों तक ऑन रहता है। इसके बाद यह फोन 23 दिसंबर के बाद ऑफ होता है जो आज तक ऑन नहीं किया जाता है। वहीं 23 दिसंबर को एक व्यक्ति लड़की के भाई को फोन करता है और कहता है कि राजेश ने मुझे फंसा दिया। ऐसा कह कर के हर बार फोन आया करता था और अलग-अलग नाम और नंबर दिया जाता था कभी सोनू तो कभी दीपक नाम कहकर नंबर दिया जाता था। मां ने बताया कि आरोपी कभी भी अपना सही नाम नहीं बताता था। फिर एक दिन कॉन्फ्रेंस कॉल के माध्यम से आरोपी राहुल की बात परिवार से हुई। जिसमें यह खुलासा हुआ कि हाजीपुर से बस द्वारा आरोपी लड़की को किशनगंज ले जाकर बेच दिया है।
एनजीओ द्वारा परिवार को सहायता की गई
इधर पीड़ित परिवार अपनी बेटी को लेकर काफी परेशान थे। उन्होंने कंकड़बाग थाना से लेकर सिटी एसपी, डीएसपी तक चक्कर लगाना शुरू कर दिया। इसके बाद पीड़ित परिवार अपनी बच्ची के लिए एक एनजीओ के पास भी गया। जहां एनजीओ द्वारा परिवार को सहायता की गई। 19 दिसंबर को अगवा हुई लड़की 11 जनवरी को पुलिस द्वारा पटना लाई गई है।
ह्यूमन ट्रैफिकिंग में फंसी इस लड़की को 23 दिनों तक मारा पीटा भी गया है। लड़की के शरीर पर और चेहरे पर मार के निशान भी साफ दिखाई दे रहे हैं। लड़की ने बताया कि उसे आरोपी रॉड से मारा करता था, जिससे उसके पीठ और जांघों पर कई निशान है।
पुलिस द्वारा ह्यूमन ट्रैफिकिंग का मामला नहीं
जहां लड़की की मां लड़की को बेचने की बात कह रही है वहीं कदमकुआं थाना के थानेदर नवीन कुमार ने बताया कि अगवा लड़की को किशनगंज से बरामद कर लिया गया है। मां द्वारा लगाया जा रहा आरोप क्यों उनकी बेटी को बेचा गया है इसे पुलिस जांच का विषय बता रही है। अगवा लड़की की उम्र 23 साल है जो मानसिक रूप से कमजोर है। जिसे पुलिस ने किशनगंज से बराबाद किया है। पुलिस की गिरफ्त में आया आरोपी जावेद इस्लामपुर का बताया जा रहा है जिसकी उम्र 30 साल के करीब है। अब लड़की को अदालत के सामने पेश कर मेडिकल के लिए भेजा जाएगा। जिसके बाद यह साफ हो पाएगा कि लड़की के साथ कुछ गलत हुआ है या नहीं। इधर, पुलिस इस पूरे मामले की जांच में भी जुट गई है।




Leave a Reply