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भाई-बहन को अफसर बनाने का सपना रह गया अधूरा:नवादा की महिमा की नासिक में मौ’त

महाराष्ट्र के नासिक स्थित जिंदल कंपनी में बायलर फटने से नवादा की महिमा की मौत हो गई। महिला नवादा के मेसकौर प्रखंड अंतर्गत रसलपुरा गांव की रहनी वाली थी। ऐसे में बुधवार सुबह उसका शव पहुंचते ही गांव का माहौल गमगीन हो गया। महिमा (22 वर्षीय) रसलपूरा गांव निवासी पहलाद सिंह की बेटी है। वह अपने भाई-बहन को अफसर बनाना चाहती थी। जिसके लिए वह नासिक स्थित जिंदल कंपनी में काम कर पैसे जमा कर रही थी।

हादसे को लेकर मृतका के चाचा ने बताया कि महिमा घर की उम्मीद थी। महिमा 2 साल से नासिक के जिंदल कंपनी में मशीन ऑपरेटर के पद पर काम कर रही थी। जहां 1 जनवरी को बॉयलर फटने से उस की दर्दनाक मौत हो गई। उसकी मौत के बाद महाराष्ट्र सरकार द्वारा 5 लाख का मुआवजा दिया जा रहा। हम बिहार सरकार से उम्मीद कर रहे वह भी कुछ मुआवजा दें। ताकि महिमा के परिवार वालों को जिवनयापन में आसानी हो।

मामले को लेकर जानकारी देते महिमा के चाचा।

मामले को लेकर जानकारी देते महिमा के चाचा।

महिमा नासिक में रहकर जॉब करती थी। वह पैसा कमाकर घर पर भेजती थी। वह अपने भाई-बहन को अफसर बनाना चाहती थी। परिजनों ने कंपनी पर आरोप लगाया कि एक जनवरी के दिन भी कंपनी ने वर्कर को काम पर रखा था। कंपनी ने पहले हमे बताया कि महिमा जिंदा है, फिर बाद में जब हमने पता लगाया तो पता चला कि उसकी मौत हो गई है।

बेटी को शव को देखते ही रोने-बिलखने लगी मां।

बेटी को शव को देखते ही रोने-बिलखने लगी मां।

महिमा का नौकरी करने का मुख्य उद्देश्य

महिमा एक गरीब परिवार से थी और महिमा के पिता कोलकाता में एक कपड़े की दुकान में नौकरी करते थे। पिता के तनखा से घर चलाना भी मुश्किल हो रहा था। भाई- बहन को ऑफिसर भी बनाना चाहती थी, तभी महिमा ने नौकरी करने का मन बना लिया। महिमा पढ़ने में काफी तेज थी और उसका जिंदल कंपनी में मशीन ऑपरेटर के पद पर बहाली हो गया।

मृतका के परिजन।

मृतका के परिजन।

वह दो साल से जिंदल कंपनी में नौकरी कर रही थी और अपनी कमाई से भाई बिक्की और बहन मुस्कान को अक्षय कोचिंग संस्थान में पढ़ा रही थी। ऐसे में महिमा की मौत के बाद लग रहा भाई बहन का सपना अधूरा रह जाएगा।

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