पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास पर इस बार मकर संक्रांति के अवसर पर दही-चूड़ा का भोज होगा। हालांकि आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद इसमें शिरकत नहीं कर सकेंगे, क्योंकि वे किडनी ट्रांसप्लांट के बाद सिंगापुर में स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। अंतिम दही-चूड़ा का भोज राबड़ी देवी के पटना स्थित 10 सर्कुलर आवास में 2019 को हुआ था। उसके बाद कोरोना की वजह से भोज नहीं हो पाया। यानी तीन वर्षों के बाद यह भोज होने वाला है।
ऐतिहासिक रहा है लालूू प्रसाद का दही-चूड़ा भोज
बता दें कि राबड़ी देवी के आवास पर दही-चूड़ा के भोज में बड़ी संख्या में लोगों का जुटान होता रहा है। जब लालू प्रसाद इसमें रहते थे तो वे खुद से भी लोगों को दही-चूड़ा परोसते थे। यानी भर पेट दही-चूड़ा खाने की छूट रहती थी। आयोजन का अंदाज भी निराला रहता है। कोई कार्यकर्ता दही ला रहा होता है, कोई फूलगोभी तो कोई चूड़ा। लालू प्रसाद खुद से भी दही-चूड़ा भोज के इंतजाम में मन से लगते थे।
तेजस्वी यादव और मीसा भारती मौजूद रहेंगी
इस बार के दही-चूड़ा भोज में लालू प्रसाद की कमी खलेगी। लेकिन उनकी कमी उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव पूरी करेंगे। राज्यसभा सदस्य मीसा भारती भी इसमें शामिल हो सकती हैं। आरजेडी सहित अन्य पार्टियों के नेता भी भोज में शिरकत करेंगे। इसमें दही-चूड़ा के साथ ही गुड़, तिलकुट और सब्जी भी चलेगा। आरजेडी के वरिष्ठ नेता भोला यादव और चित्तरंजन गगन ने भास्कर को बताया कि अब कोरोना का डर लोगों के बीच नहीं है। इसलिए इस बार दही-चूड़ा भोज का आयोजन 14 जनवरी को पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास पर किया जा रहा है।
गंभीर आरोपों से काफी चर्चा मेंं आ गई थी इफ्तार पार्टी
बता दें हाल के महीनों में राबड़ी देवी के आवास में वर्ष 2022 को 22 अप्रैल को इफ्तार पार्टी का भव्य आयोजन किया गया था। इसमें नीतीश कुमार भी शामिल हुए थे। राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, मीसा भारती आदि कई नेता मौजूद रहे थे। हालांकि यह आयोजन बाद में युवा राजद के महानगर अध्यक्ष रामराज के गंभीर आरोप से काफी चर्चा में आ गया था।
दही-चूड़ा का भोज कई मायने में पॉलिटिकल भोज भी है। चूूंकि इसके बाद यानी 14 जनवरी के बाद ही खरमास खत्म होता है इसलिए कई तरह की राजनीतिक खिचड़ी भी भोज में पकती रही है। इसके बाद से नया काम शुरू होता है।



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