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देश की यात्रा पर निकलेंगे नीतीश कुमार:बगहा से की समाधान यात्रा की शुरुआत; कहा- बजट सत्र के बाद देश की यात्रा करेंगे

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समाधान यात्रा आज से शुरू हो चुकी है। ठंड के बीच मुख्यमंत्री बगहा से दरुआबाड़ी गांव पहुंचे। उन्होंने सरकारी योजनाओं का हाल जाना। इस दौरान नीतीश कुमार का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि बजट सत्र के बाद मैं देश की यात्रा पर निकलूंगा।

नीतीश कुमार ने कहा कि पहले अपने राज्य का विकास देख रहे हैं। यहां के सारे काम पूरे करेंगे। इसके बाद आगे बढ़ेंगे। बजट सत्र पूरा होने के बाद हम देश की यात्रा पर निकलेंगे।

इससे पहले दरुआबाड़ी गांव की लड़कियों ने मुख्यमंत्री से स्कूल बनाने की मांग की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि तुरंत इसे देखिए। हमारी पहली प्राथमिकता बच्चों की पढ़ाई है।

तस्वीरों में देखिए नीतीश की समाधान यात्रा…

10 फरवरी के बाद मैं देश की यात्रा पर निकलूंगा।- नीतीश कुमार

10 फरवरी के बाद मैं देश की यात्रा पर निकलूंगा।- नीतीश कुमार

समाधान यात्रा के दौरान तालाब में मछलियों को खाना खिलाते नीतीश।

समाधान यात्रा के दौरान तालाब में मछलियों को खाना खिलाते नीतीश।

दरुआबारी गांव में ग्रामीणों से बात करते नीतीश कुमार।

दरुआबारी गांव में ग्रामीणों से बात करते नीतीश कुमार।

नीतीश के स्वागत में बगहा के गांव में रंगोली बनाई गई।

नीतीश के स्वागत में बगहा के गांव में रंगोली बनाई गई।

मुख्यमंत्री के स्वागत में आंगनबाड़ी को इस तरह से सजाया गया।

मुख्यमंत्री के स्वागत में आंगनबाड़ी को इस तरह से सजाया गया।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यात्रा को लेकर ट्विटर पर लिखा है कि समाधान यात्रा के तहत बिहार में विकास कार्यों की प्रगति और योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति का जायजा लेने हेतु आज से राज्य के विभिन्न जिलों की यात्रा करूंगा।

इस यात्रा में महत्वपूर्ण योजनाओं का निरीक्षण, चिह्नित समूहों के साथ बैठक तथा जिलास्तरीय समीक्षा बैठक की जाएगी। इससे विकास कार्यों को गति मिलेगी तथा लोगों की समस्याओं का समाधान होगा।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की यह 14वीं यात्रा है। वो इसके पहले साल 2005 से लेकर अब तक 13 यात्राएं कर चुके हैं। इनमें 9 यात्राएं सरकारी, जबकि 5 राजनीतिक रही हैं।

मुख्यमंत्री की हर यात्रा का अलग-अलग नाम रहा है। टारगेट ऑडिएंस के लिहाज से यात्रा का नामकरण भी किया जाता रहा है।

सबसे खास बात यह है कि इन 14 में से 9 यात्राएं ठंड के महीनों में निकाली गई हैं। नीतीश नवंबर से लेकर जनवरी तक सबसे ज्यादा यात्राओं पर निकले हैं। अब जानिए, मुख्यमंत्री की ये यात्राएं कब शुरू की गई थीं और इसके पीछे का उद्देश्य क्या था…

नीतीश कुमार 17 साल में कर चुके हैं 13 यात्राएं।

नीतीश कुमार 17 साल में कर चुके हैं 13 यात्राएं।

12 जुलाई, 2005 से न्याय यात्रा (राजनीतिक) : नीतीश कुमार जब बिहार के मुख्यमंत्री नहीं बने थे, किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला था तो उन्होंने न्याय यात्रा निकाली थी। लोगों के बीच जाकर अपने लिए न्याय की गुहार लगाई। नतीजा यह हुआ कि 2005 का नवंबर वाला चुनाव भाजपा के साथ मिलकर जीता और मिलकर सरकार बनाई थी।

9 जनवरी, 2009 से विकास यात्रा (सरकारी) : नीतीश कुमार तब CM बन गए थे। उन्होंने लोगों के बीच जाकर बताया कि किस-किस क्षेत्र में विकास किया है।

17 जून, 2009 से धन्यवाद यात्रा (राजनीतिक) : लोकसभा चुनाव के बाद धन्यवाद यात्रा पर निकले नीतीश कुमार तब JDU और BJP के अकेले स्टार प्रचारक थे। लोकसभा चुनाव में JDU और BJP को भारी सफलता मिली थी। इसलिए उन्होंने लोगों का धन्यवाद किया।

25 दिसंबर, 2009 से प्रवास यात्रा (सरकारी) : नीतीश कुमार ने जिलों में प्रवास कर वहां की समस्याओं को जानने की कोशिश की थी। अधिकारियों की मौजूदगी में सभी विकास योजनाओं की समीक्षा की थी। यह पूरी तरह से सरकारी यात्रा थी।

28 अप्रैल, 2010 से विश्वास यात्रा (सरकारी) : विधानसभा चुनाव 2010 से ठीक पहले शुरू हुई इस यात्रा का उद्देश्य था जनता का सरकार पर विश्वास बढ़ाना। लोगों के बीच में अपनी सरकार के प्रति विश्वास दिलाने को लेकर नीतीश कुमार ने यह आयोजन किया था।

9 नवंबर, 2011 से सेवा यात्रा (सरकारी) : विधानसभा चुनाव जीतने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लोगों का धन्यवाद किया था। यात्रा के माध्यम से संदेश दिया कि बिहार के लोगों ने उन्हें सेवा करने का मौका दिया है, सेवा करेंगे।

19 सितंबर, 2012 से अधिकार यात्रा (राजनीतिक) : CM नीतीश कुमार ने बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने के लिए जिलों में अधिकार यात्रा आरंभ की थी। पटना में मुख्य रैली हुई थी। इसके बाद जिलों में रैली की गई थी। विशेष राज्य के दर्जा को लेकर बड़ा आंदोलन भी किया गया था।

5 मार्च, 2014 से संकल्प यात्रा (राजनीतिक) : लोकसभा चुनाव से ठीक पहले नीतीश कुमार ने यात्रा निकाली थी। देश में नरेंद्र मोदी की लहर के बीच नीतीश कुमार लोगों का मन टटोलने पहुंचे थे। लेकिन, भाजपा से नाता तोड़कर चुनाव लड़े नीतीश कुमार को लोकसभा में हार का मुंह देखना पड़ा।

13 नवंबर, 2014 से संपर्क यात्रा (राजनीतिक) : लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद आम लोगों से संपर्क करने के लिए यह यात्रा की गई थी। नीतीश कुमार जानना चाहते थे कि उनके प्रति लोगों की क्या सोच है।

9 नवंबर, 2016 से निश्चय यात्रा (सरकारी) : इस दौरान CM ने अपनी सरकार की तमाम जनकल्याणकारी योजनाओं खासकर सात निश्चय से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा की थी।

7 दिसंबर, 2017 से समीक्षा यात्रा (सरकारी) : अपनी सरकार में विकास कार्यों की समीक्षा के लिए नीतीश कुमार ने यात्रा की थी। जिलों में जाकर वहां के विकास कार्यों का जमीनी जायजा लिया था।

3 दिसंबर 2019 से जल जीवन हरियाली यात्रा (सरकारी) : इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करना था। लेकिन इसके बहाने 2020 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर भी जनता का मूड भांपने की कोशिश की थी।

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