Breaking News

लेट पहुंचे अफसर, हाथ जोड़कर नीतीश बोले-स्वागत है:जनता दरबार में अधिकारी बोले- पहले ही आ गए थे; मुख्यमंत्री ने कहा- आप तो गायब थे

सीएम नीतीश कुमार आज नए साल के पहले जनता दरबार में लोगों की शिकायतें सुन रहे हैं। नए साल के इस पहले जनता दरबार में जब बड़े-बड़े अधिकारी लेट से पहुंचे तो उसके बाद सीएम नीतीश कुमार ने उनका हाथ जोड़कर स्वागत किया।

जनता दरबार में देर से पहुंचे एक अधिकारी को मुख्यमंत्री ने हाथ जोड़कर कहा कि, “आप आ गए, बड़ा स्वागत है आपका।’ अधिकारी ने जवाब दिया कि ‘…सर आ गए थे तो!’ इस पर सीएम बोले, ‘कहां आ गए थे, आप लोग तो गायब थे, लेट काहे थे, आप सब लेटे हैं।’ इसके बाद सीएम ने तुरंत DGP आरएस भट्टी को फोन लगाया।

इस दौरान जनता दरबार में आई मुजफ्फरपुर की एक फरियादी ने कहा कि मेरे बेटे की 2021 में हत्या हुई थी। लेकिन अभी तक कोई आरोपी पकड़ा नहीं गया। नामजद केस भी दर्ज किया था, बावजूद कुछ नहीं हुआ है। इसके बाद सीएम ने बिहार के डीजीपी आर एस भट्टी को फोन लगाने को कहा, जिसके बाद उन्होंने कहा कि देखिए ऐसा क्यों हो रहा है।

सीएम नीतीश कुमार ने भूमि विवाद से जुड़े एक मामले में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रमुख सचिव को खोजा। उन्होंने पूछा – नहीं आए हैं क्या…कहां है। इसके बाद उन्हें जानकारी दी गई कि वह आज छुट्टी पर हैं। अधिकारियों ने सीएम को बताया कि अपर मुख्य सचिव आज नहीं है, लेकिन उनके जगह पर विभाग के सचिव जय सिंह मौजूद हैं।

तमाम जिलों से आए लोगों की शिकायतें सुनकर करते हैं निपटारा

बता दें कि महीने के हर पहले और दूसरे सोमवार को सीएम नीतीश कुमार का जनता दरबार लगता है। इस दौरान सीएम राज्य के तमाम जिलों से आए लोगों की शिकायतें सुनते हैं और इसका निपटारा भी करते हैं। इससे पहले सीएम नीतीश कुमार का जनता दरबार 12 दिसंबर को लगा था, जिसमें सीएम ने कुल 54 लोगों की शिकायतें सुनी थी और उसके तत्काल निवारण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश भी दिया था।

सीएम नीतीश कुमार आज नए साल के पहले जनता दरबार में एक बार फिर से लोगों की शिकायतें सुन रहे हैं। सीएम आज गृह विभाग, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, कारा विभाग, मद्य निषेध विभाग, निगरानी विभाग खान एवं भूतत्व विभाग और सामान्य प्रशासन विभाग से संबंधित शिकायतों की सुनवाई करेंगे। इस जनता दरबार में सभी विभागों के मंत्री और सभी आला अधिकारी भी मौजूद हैं।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.