मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के गुजरात मॉडल के तर्ज पर शराबबंदी लागू करने की बात पर एतराज जताया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि हमें पता नहीं है, जब वे हमसे मिलने आएंगे तो हम उन्हें सारी बात बता देंगे। बिहार में शराबबंदी सर्वसम्मति से लागू हुआ था। शराब की लत को छोड़ने को लेकर हमने लोगों की ट्रेनिंग भी करवायी थी। शराब पीने से लोगों को नुकसान होता है। इन सब चीजों की उनको जानकारी नहीं होगी। हम उनसे पूछ लेंगे।
दरअसल, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कल शाम पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के आवास पर लिट्टी-चोखा के भोज पर गए थे। तब यह बात नहीं हुई थी।

कल शाम मांझी से मिले थे CM नीतीश।
जहरीली शराबकांड में जो हुआ, उसको लेकर सरकार गंभीर
वहीं, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जहरीली शराबकांड के अभियुक्त की हुई गिरफ्तारी को लेकर कहा कि जो कुछ भी हुआ उसको लेकर सरकार गंभीर है। दोनों विभाग के अधिकारी इसको देख रहे हैं। एक-एक चीज की जांच हो रही है कि यह कैसे हुआ? यह बात जैसे ही हमारे सामने आयी, हमने अधिकारियों से कहा कि यह क्या हुआ है, कैसे हुआ है इसकी जांच करें। हमने अधिकारियों से इसे तत्काल देखने का निर्देश दिया। हमने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया है कि एक-एक चीज पर नजर रखिए।
ज्यादातर लोग शराबबंदी के पक्ष में, कुछ लोग गड़बड़…
मुख्यमंत्री ने कहा कि ज्यादातर लोग शराबबंदी के पक्ष में हैं। कुछ लोग गड़बड़ करने वाले होते हैं। उन पर कार्रवाई की जाती है। कई बार जिनको इसको रोकने की जिम्मेवारी होती है वो भी ठीक ढंग से काम नहीं करते तो उन पर भी कार्रवाई होती है। आजकल शराब की सप्लाई करने वाले बाहरी एवं यहां के लोग रोज पकड़ा रहे हैं। हमने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि शराब के असली धंधेबाजों को खोजकर पकड़िए।
यात्रा पर जाने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हम हमेशा यात्रा पर जाते रहे हैं। पहले से चल रहे कार्यों को देखेंगे और कहां-क्या कमी है, उसे जानेंगे। हम एक-एक चीज को देखने और समझने के लिए यात्रा पर जाते हैं। इलाके में विकास का काम कितना हुआ और कहां पर क्या कमी है, उसे हम स्पॉट पर देखने जाते हैं। यात्रा के दौरान हम लोगों से मिलकर उनकी बातों को भी सुनेंगे।



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