बिहार स्टाफ सिलेक्शन कमिशन (BSSC) पेपर लीक मामले में कई सवाल अब भी बरकरार हैं। जिनके जवाब अब तक इस केस की जांच कर रही आर्थिक अपराध इकाई (EOU) को नहीं मिली है। इस कारण जल्द ये जांच एजेंसी गिरफ्तार कर जेल भेजे गए 6 में से 3 आरोपियों को रिमांड पर लेगी, उनसे दोबारा पूछताछ करेगी।
सूत्रों के अनुसार जिन 3 आरोपियों को पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया जाएगा, उसमें मोतिहारी के शांति निकेतन जुबली स्कूल के एग्जामिनेशन सेंटर से क्वेश्चन पेपर को लीक करने वाला सुपौल का अजय कुमार, सॉल्वर गैंग से मिलवाने वाला कैलाश साह और 65 सवालों का जवाब बनाकर भेजने वाला सॉल्वर रवि राज शामिल हैं।
सवाल जो इनसे पूछे जाएंगे
तीनों आरोपियों को रिमांड पर लेने के बाद सवाल तो कई पूछे जाएंगे। पर EOU से मिली जानकारी के मुताबिक इनसे सबसे पहले ये जानने कि कोशिश होगी कि क्या BSSC का पेपर लीक करने का इनका प्लान पहले से बना हुआ था या फिर एग्जाम के दिन सेंटर गए और कर दिए? पेपर लीक करने के लिए क्या मार्केट (मतलब दूसरे कैंडिडेट्स) से भी रुपए उठाए गए? अगर इसका जवाब हां में हुआ तो उन लोगों के नाम बताने होंगे।
फिर जांच एजेंसी यह भी जानना चाहती है कि क्या मोतिहारी के शांति निकेतन जुबली स्कूल में बने एग्जामिनेशन सेंटर के किसी टीचर के साथ कोई सेंटिंग थी? सवाल यह भी बरकरार है कि सॉल्वर रवि राज विजय से क्वेश्चन पेपर मिलने के बाद उसे और किन-किन लोगों को फॉरवर्ड किया? क्या इसके लिए सॉल्वर ने इसके लिए किसी से रुपए लिए? क्योंकि, जब EOU की टीम ने पेपर लीक करने वाले अजय के भाई विजय पकड़ा था, तब उसके मोबाइल खंगाले गए थे। उसी दरम्यान व्हाट्सएप को भी खंगाला गया था। तब लिंक भी मिले कि उसने किस-किस को इसे भेजा था। इसके आधार पर ही सोल्वर्स पकड़े गए।
तीन दिन के बाद शुरू होगी प्रक्रिया
BSSC एग्जाम के पहले चरण के क्वेश्चन पेपर लीक हुए थे। सबूत मिलने के बाद पहले चरण के एग्जाम को कैंसिल किया गया। अब सवाल दूसरे और तीसरे चरण के एग्जाम पर भी उठ रहे हैं। पेपर लीक की बात कह दोनों चरण के एग्जाम को भी कैंसिल कराने की मांग उठ रही है। ऐसे में BSSC ने तीन दिनों में दूसरे और तीसरे चरण के एग्जाम के क्वेश्चन पेपर के लीक होने का प्रमाण मांगा है। अब इस मामले में सबूत आते हैं या नहीं, इसे वॉच किया जा रहा है। तीन दिन खत्म होते ही इसके बाद EOU रिमांड पर लेने की प्रक्रिया शुरू कर देगी।



Leave a Reply