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छात्र नेता दिलीप को अपनी ईमानदारी प्रूफ करनी होगी!:BPSC और BSSC की परीक्षा इन्हीं की शिकायत के बाद रद्द करनी पड़ी

बिहार कर्मचारी चयन आयोग ने 23 दिसंबर को ली गई तृतीय स्नातक प्रथम पाली की परीक्षा को रद्द कर दिया है। आयोग ने कहा है कि 45 दिन के पहले पुनर्परीक्षा ली जाएगी। इससे पहले मामले की जांच में जुटी आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने सोमवार को छात्र नेता दिलीप कुमार को अपने ऑफिस में बुलाया और पूछताछ की। आर्थिक अपराध इकाई दिलीप कुमार से यह जानना चाहती थी कि आखिर उन तक लीक प्रश्न पत्र कैसे आया?

उन्होंने 23 दिसंबर को परीक्षा खत्म होने से पहले लीक प्रश्न पत्र के पन्ने भेजे थे

दिलीप कुमार ने 23 दिसंबर को प्रथम पाली की परीक्षा समाप्त होने से पहले प्रश्न पत्र के पन्नों की फोटो आर्थिक अपराध इकाई को भेजी थी। जिस मोबाइल से आया था उसका स्क्रीन शॉर्ट भी भेजा था। परीक्षा समाप्त होते ही कर्मचारी चयन आयोग के ऑफिस में आयोग के चेयरमैन रवीन्द्र कुमार और आर्थिक अपराध के आईपीएस अफसर सुशील कुमार ने देर तक मीटिंग की थी। उसी दिन आयोग ने मान लिया था कि प्रश्न पत्र लीक हो गया है। लेकिन तब परीक्षा रद्द नहीं की थी। अब 26 दिसंबर को प्रथम पाली की परीक्षा रद्द की गई है।

पटना में सड़क पर प्रदर्शन करते छात्र नेता दिलीप और BSSC अभ्यर्थी।

पटना में सड़क पर प्रदर्शन करते छात्र नेता दिलीप और BSSC अभ्यर्थी।

लगातार दो बड़ी प्रतियोगिता परीक्षा रद्द करनी पड़ी

कई बार ईमानदारी को प्रूफ भी करना होता है। दिलीप कुमार के सामने अभी का समय ऐसा ही है। प्रश्न पत्र के पन्ने भेजने वाले ने दिलीप के पास ही क्यों भेजा, उसकी क्या मंशा थी? इसकी तफ्तीश EOU कर रही है। दिलीप कुमार के लिए यह चैलेंजिंग है कि वे ईमानदारी को कैसे प्रूफ करते हैं! ऐसे आंदोलन का नेतृत्व करने वाले और सरकार के बीच कई बार तनातनी की स्थिति हो जाती है। दिलीप कुमार तलवार की धार पर चलनेवाले नायक की तरह उभरे हैं। दिलीप कुमार के बारे में बताएं कि उन्होंने ही बिहार लोक सेवा आयोग की 67 वीं पीटी परीक्षा के बारे में सरकार तक जानकारी पहुंचाई थी कि प्रश्न पत्र लीक हो गया है। उस समय भी दिलीप कुमार से EOU ने पूछताछ की थी।

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