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सभी 14 ट्रैफिक सिग्नल को एक साथ चालू करना होगा:440 की जगह 110 मीटर तक ही डिवाइडर इसलिए असफल रहा सिग्नल का ट्रायल

शहर की यातायात व्यवस्था काे सुचारु करने के लिए 14 ट्रैफिक सिग्नल में से शनिवार काे केवल तीन चालू हुए, लेकिन ढाई घंटे के ट्रायल के बाद ही तीनाें चाैराहाें पर इन्हें बंद करना पड़ा। यहां जाम लगने लगा था। दरअसल, डिवाइडर की कमी के कारण यह व्यवस्था नहीं टिक पाई। तिलकामांझी, कचहरी व घूरन पीरबाबा चाैक पर कुल मिलाकर 440 मीटर तक डिवाइडर लगाने लगाने की जरूरत थी, लेकिन 100 मीटर तक ही लगाए गए। इससे चाैक से गुजरने के ठीक बाद दाेनाें लेन की गाड़ियां एक साथ मिलती रहीं। इससे जाम लगता रहा।

नतीजा यह हुआ कि सैंडिस के चाराें ओर की वन-वे व्यवस्था काे फिर से बहाल करना पड़ा। केवल सैंडिस के चाराें ओर ही सिग्नल काे चालू किया गया जबकि शहर के अन्य भागाें में ये चालू नहीं हुए। इसलिए सैंडिस के पास बिना किसी रुकावट के ही गाड़ियां आती रहीं। ट्रायल से पहले जो तैयारी की जानी थी वह पूरी नहीं हो पाई। काफी जगहों पर डिवाइडर नहीं लगने के कारण यह दिक्कत हुई। अब दुबारा तीन जनवरी को ट्रायल करने की याेजना है।

जानिये किस चाैराहे पर क्या रही कमी, जिससे जाम लग गया

1. तिलकामांझी चौक : यहां चारों सड़क पर 50-50 मीटर तक डिवाइडर लगाना था। लेकिन सभी ओर सिर्फ 40 मीटर ही लगे। इससे लाल सिग्नल पर रुकी गाड़ियाें ने पूरी सड़क काे घेर लिया। सिग्नल हरा हाेने पर गाड़ियाें के निकलने के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिल पायी।

2. कचहरी चौक : यहां चारों तरफ सड़क पर 30-30 मीटर तक डिवाइडर लगाना था। कचहरी से गुमटी नंबर 3 तक पाइप लाइन के लिए काटी गयी सड़क को ठीक किया जाना था। लेकिन चारों तरफ सिर्फ 10-10 मीटर तक ही डिवाइडर लगे।

3. घूरन पीरबाबा चौक : यहां चाराें सड़क पर 30-30 मीटर डिवाइडर लगना था। लेकिन सिर्फ 10-10 मीटर ही लगे। इससे यहां भी दाेनाें लेन की गाड़ियां आपस में आगे जाकर मिलती रहीं। इससे जाम की स्थिति बन गयी।

अगले ट्रायल में इनका रखना हाेगा ध्यान

1. सभी ट्रैफिक सिग्नल पर मानक के अनुसार डिवाइडर लगे। सभी एक साथ चालू हाें तभी इसके सफल हाेने की संभावना बढ़ जाएगी। डिवाइडर लगे हाेंगे ताे ग्रीन सिग्नल के बाद जाने वाली वाहन एवं रेड सिग्नल के बाद रुके हुए वाहन आमने-सामने नहीं आएंगे।

2. मुख्य चौराहों पर हरे सिग्नल की टाइमिंग को थाेड़ा बढ़ाना हाेगा। जीरोमाइल, तिलकामांझी, कचहरी, घंटाघर एवं खलीफाबाग में गाड़ियों का दबाव अधिक रहता है। यहां गाड़ियाें काे निकलने के लिए थाेड़ा ज्यादा समय देना हाेगा।

3. बिना जरूरत वाले सिग्नल हाे हटाना हाेगा। इससे चिह्नित करना हाेगा। डीएम ने भी स्मार्ट सिटी काे निर्देश दिया कि वैसे ट्रैफिक सिग्नल को चिह्नित कर तुरंत हटाएं जाे जाम का कारण बन रहा है।

अगले ट्रायल में कमी काे दूर करेंगे
ट्रैफिक सिग्नल का यह ट्रायल था। इसमें आई कमी काे दूर करने की कोशिश कर रहे हैं। तीन जनवरी से दुबारा ट्रायल हाेगा। यह प्रयास करेंगे कि अगले ट्रायल में इस तरह की दिक्कत न आए। -प्रकाश कुमार, ट्रैफिक डीएसपी

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