सदर थाना के बीबीगंज में सितंबर महीने में दिनदहाड़े हुई 50 लाख की लूट में पुलिस कार्रवाई सुस्त हो गई है। या यूं कहें की पुलिस इस घटना का उद्भेदन करने में रुचि नहीं ले रही है। घटना को दो महीने बीत चुके हैं। आज भी जब सविता देवी के दरवाजे पर दस्तक होती है तो कलेजा कांप उठता है। वह कहती है दिदनहाडे चायपत्ती बेचने के बहाने लुटेरे आए थे। फिर हथियार और चाकू के बल पर घर में मौजूद लोगों को बंधक बना लिया। 10 लाख कैश और करीब 40 लाख रुपए के जेवरात लूटकर चले गए। इस घटना का सदर पुलिस उद्भेदन नहीं कर सकी। हाल में कांटी से एक अपराधी लूटकांड के केस में गिरफ्तार हुआ था। पुलिस ने उनके बेटे से पहचान कराई। उसने पहचान करते हुए कहा की लुटेरों में ये भी शामिल था।
रिमांड पर नहीं लिया
बावजूद इसके सदर थाने की पुलिस ने उसे रिमांड पर लेना उचित नहीं समझा। पूछने पर कहा की उसके पास से समान बरामद नहीं हुआ। सविता कहती है अगर पुलिस उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ करती तो जरूर खुलासा होता। लेकिन, सदर पुलिस ने इसमें रुचि नहीं ली। अब इस केस के आईओ संतोष रजक बदल चुके है। नए आईओ ने आजतक महिला से संपर्क तक नहीं किया है। हाल में वरीय अधिकारी भी पूछताछ करने गए थे। बावजूद इसके कोई कारवाई नहीं हुई।
पति की कोरोना से हो चुकी मौत
सविता ने बताया की उनके पति नलीनरंजन संवेदक थे। वर्ष 2020 में कोरोना के कारण उनकी मौत हो गई। अभी महिला कांटी में गिट्टी बालू का दुकान चलाती है। बताती हैं की घटना के दिन घर में उनकी बुढ़ी सास और बेटा था। लुटेरों ने दोनों को बंधक बनाकर आराम से लूटपाट किया और भाग निकले। पहचान नहीं हो इसके लिए सीसीटीवी का हार डिस्क भी लेकर भाग गए। मामले में सदर थानेदार सत्येंद्र मिश्रा का कहना है की पुलिस कारवाई कर रही है। आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है






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