गर्मी के मौसम के शुरुआत के साथ ही बिहार में एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) यानी चमकी बुखा’र ने अपनी दस्तक दे दी है। मार्च के महीने में ही इस बीमा’री के कारण एक बच्चे की मौ’त हो गई है। इस साल का यह पहला मा’मला है। मुजफ्फरपुर स्थिति श्री कृष्ण मेमोरियल हॉस्पिटल एंड कॉलेज (एसकेएमसीएच) में पिछले तीन दिनों से भर्ती एईएस पी’ड़ित बच्चे की रविवार देर शाम मौत हो गई। उसकी पहचान सकरा के बैजू बुजुर्ग गांव के मुन्ना राम के साढ़े तीन वर्षीय पुत्र आदित्य कुमार के रूप में हुई है। पिछले साल इस बीमा’री से करीब 150 बच्चों की मौ’त हुई थी।
चमकी बुखार की शि’कायत के बाद पीआईसीयू में भर्ती कर उसका इ’लाज किया जा रहा था। एसकेएमसीएच के शिशु रोग विभागाध्यक्ष डॉ गोपाल शंकर सहनी ने उसकी मौ’त की पुष्टि की है। वहीं, दूसरी पीड़ित पूर्वी चंपारण के मेहसी की सपना कुमारी की स्थिति में काफी सुधार हुआ है।

अस्पताल अधीक्षक डॉ एसके शाही ने बताया कि दोनों बच्चे चमकी-बुखा’र की शि’कायत के बाद भर्ती हुए थे। दोनों ब्ल’ड में शुगर की कमी पाई गई। इस कारण इनको एईएस की श्रेणी में रखा गया।इसके साथ ही उन्होंने बताया रविवार को कोई बच्चा भर्ती नहीं हुआ है। इससे पहले दो बच्चों में एईएस की पुष्टि के बाद सीएम ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जिला प्रशासन को कई निर्देश दिए। साथ ही स्वास्थ्य के वरीय अधिकारियों के साथ एईएस से बचाव व इसके इलाज की तैयारी की ऑनलाइन समीक्षा की। कोरोना के साथ एईएस के प्र’कोप से निबटने की विभिन्न कार्ययोजना पर भी चर्चा की।




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