सिक्किम के जेमा में शुक्रवार को आर्मी का ट्रक खाई में गिर गया था। इसमें 16 जवानों की मौत हो गई। इनमें भोजपुर जिले के जवान प्रमोद कुमार और खगड़िया के जुनियर कमांड ऑफिसर चंदन कुमार मिश्र भी शामिल थे। दोनों ही जवानों का शव आज शाम तक पटना एयरपोर्ट पहुंचेगा और फिर सड़क मार्ग से दोनों जवानों के घर तक पहुंचाया जाएगा। वहां इनका पूरे सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। हादसों की जानकारी मिलने के बाद से ही दोनों के पैतृक गांव में शोक का माहौल है। उनके घरों पर लोगों की भीड़ लगी हुई है

भोजपुर में प्रमोद कुमार के घर पर जमा शोकाकुल लोग।
भोजपुर में माता-पिता को नहीं दी गई बेटे के शहीद होने की जानकारी
देश के लिए प्रेम की भावना रखने वाले 30 वर्षीय आर्मी जवान प्रमोद कुमार शुक्रवार को शहीद हो गए। वो उदवंतनगर प्रखंड के गजराजगंज ओपी अंतर्गत बामपाली गांव निवासी थे। प्रमोद की पत्नी निरमा देवी और उनका 8 वर्षीय बेटा नक्श व 6 वर्षीय बेटी नायरा देहरादून में रहते थे। जानकारी मिलने पर वो लोग भी देहरादून से पैतृक गांव पहुंच रहे हैं।
प्रमोद कुमार के बड़े भाई पूर्व उपमुखिया अजय कुमार सिंह ने बताया कि मेरा भाई देश के साथ ही घर-परिवार को भी लेकर चलता था। जितनी चिंता उसे घर परिवार की होती, उतनी ही चिंता उसे अपने देश की भी होती थी। अपने छोटे भाई के बारे में बताते ही वो रोने लगे।


अपने परिवार के साथ प्रमोद।
उन्होंने बताया कि शुक्रवार की शाम घर में बैठकर हमलोग समाचार देख रहे थे। उसी दौरान देखा कि सिक्किम में आर्मी का ट्रक खाई में गिर गया है और 16 जवान शहीद हो गए हैं। यह जानकर दुख हुआ ही था कि रात में सूचना मिली कि हादसे में मेरा छोटा भाई भी शामिल था। वह 20 दिन पहले ही अपने साले की शादी में गांव आया था। उसके बाद सिक्किम चला गया।
प्रमोद कुमार के 65 वर्षीय पिता एक्स आर्मीमैन कलक्टर सिंह और उनकी माता गुलाबझाड़ो देवी को अपने बेटे के शहीद होने की जानकारी फिलहाल नहीं दी गई है। दोनों ही बुजुर्ग हैं। उनकी तबियत बिगड़ने का डर है।
2011 में आर्मी ज्वाइन कर पूरा किया था बचपन का सपना

अजय ने बताया कि मेरे छोटे भाई ने 2011 में आर्मी ज्वाइन की थी। उसने 2006 में जैन स्कूल से मैट्रिक और 2008 में इंटर की परीक्षा जैन कॉलेज से दी थी। फिर 2011 में (दानापुर बीआरओ) आर्मी ज्वाइन किया। हैदराबाद में ट्रेनिंग पूरी की और पहली पोस्टिंग अरुणाचल प्रदेश में हुई थी। अभी वो नॉर्थ सिक्किम 221 रेजिमेंट में तैनात थे।
प्रमोद कुमार के जीजा आर्मी जवान अनिल सिंह ने बताया कि वो हमेशा अपने दोनों बेटों की अच्छी पढ़ाई की चिंता में रहते थे। इसलिए उन्होंने दोनों का सैनिक स्कूल में दाखिला दिलवाया था। दो दिन पहले ही मुझसे कॉल पर बात भी हुई थी। वो प्रतिदिन घरवालों से बात करते थे। कॉल पर हमेशा पहले घर और फिर देश की बात किया करते थे।
खगड़िया के चंदन मिश्र भी हुए शहीद
सड़क हादसे में शहीद हुए खगड़िया के परबत्ता प्रखंड स्थित दरियापुर भेलवा पंचायत के नयागांव पचखुट्टी निवासी दिनेश मिश्र उर्फ नकुल पंडित जी के पुत्र चंदन कुमार मिश्र आर्मी में जूनियर कमांड ऑफिसर पद पर कार्यरत थे। वे सिक्किम के लाचेन में तैनात थे। शुक्रवार की सुबह हुए सड़क हादसे के बाद उनके परिजनों को चंदन कुमार मिश्र के घायल होने की खबर मिली थी। जिसके बाद उनके परिजन दोपहर में सिक्किम के लिए रवाना हो गए।


पत्नी और बच्चों के साथ चंदन की तस्वीर।
इधर देर रात उनके शहीद हो जाने की खबर मिली तो हर तरफ शोक फैल गया। बताते चलें कि उसी गांव के रहने वाले आर्मी कैप्टन आनंद भी बीते जुलाई माह में शहीद हो गए थे। उनकी शहादत का घाव अभी भरा भी नहीं था कि ग्रामीणों को एक और बहादुर बेटे के शहीद हो जाने की खबर मिली।



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