बीजिंग: चीन (China Covid19 Case) में कोरोना वायरस संक्रमण का महाविस्फोटो हो चुका है. कोरोना (Coronavirus in China) के तांडव से चारों ओर हाहाकार मच गया है. अस्पतालों से लेकर श्मशान गृहों तक लंबी लाइन लग रही है. बीजिंग से लेकर चीन के अन्य शहरों में कोरोना संक्रमण इस कदर फैल चुका है कि अस्पतालों में बेड कम पड़ रहे हैं. चीन में कोविड के मामलों में लगातार इजाफा जारी है और इस खतरनाक वायरस से मरने वालों की संख्या आधिकारिक तौर पर 5241 से अधिक है, मगर वास्तविक संख्या के इससे अधिक होने का अनुमान है. आधिकारिक डेटा में चीन में संक्रमण के केवल 389,306 मामले ही बताए जा रहे हैं, मगर मीडिया रिपोर्ट्स इस ओर इशारा करते हैं कि चीन में कोरोना की वास्तविक स्थिति कुछ और है और चीन कोविड के डेटा में भी अब खेल कर रहा है.विज्ञापन
चीन एक बार फिर से कोरोना डेटा में पारदर्शिता की कमी की वजह से आलोचनाओं का सामना कर रहा है. चीन ने कोविड से होने वाली मौतों की परिभाषा बदल दी है, ताकि सच को छिपाया जा सके. एक एनालिटिक्स कंपनी के नए अनुमान के अनुसार, चीन पहले से ही हर दिन एक लाख से अधिक नए संक्रमण और कम से कम 5,000 मौतें दर्ज कर रहा है. लंदन स्थित एयरफिनिटी का अनुमान है कि चीन में कोरोना के दो पीक देखे जाएंगे- एक जनवरी मध्य में और दूसरा मार्च की शुरुआत में. अनुमान यह भी है कि अगले पखवाड़े में बीजिंग में कोविड-19 के गंभीर मामले बढ़ सकते हैं.
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि जीरो कोविड पॉलिसी में छूट देने के बाद चीन में कोरोना का पूरी तरह से विस्फोट हो चुका है. संक्रमण की चपेट में आने वालों की संख्या इतनी है कि अस्पतालों में इलाज के लिए जगह तक नहीं बची है. श्मशान गृहों पर भी कतारें लगने लगी हैं. साथ ही चीन ने अब मास टेस्टिंग बंद कर दिया है और असिम्प्टोमेटिक केसों को रिपोर्ट करना बंद कर दिया है. इस तरह से आधिकारिक डेटा और वास्तविक डेटा में काफी अंतर है.

आधिकारिक आंकड़े क्या बता रहे हैं
चीन में 21 दिसंबर तक कोरोना वायरस के 389,306 मामले दर्ज किए गए थे, जबकि मरने वालों की संख्या 5,241 थी. यहां बताना जरूरी है कि चीन में केवल निमोनिया या सांस लेने में परेशानी से होने वाली मौतों को कोविड मृतकों के आधिकारिक आंकड़ों में शामिल किया जाता है. इस लिहाज से मृतकों की संख्या अपने आप कम हो जाती है जबकि पाबंदियों में ढील दिए जाने के बाद संक्रमण के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है. पहले से मौजूद बीमारियों के कारण होने वालीं मौतों को कोविड-19 मृतकों के आंकड़ों में नहीं जोड़ा जाता है.

भारत-अमेरिका से अलग है चीन का पैटर्न
दावा किया जा रहा है कि फ्लू या कोविड-19 आंकड़ों की गणना करने के मामले में चीन का रूढ़िवादी रवैया रहा है. अमेरिका समेत ज्यादातर देशों में जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार ऐसी किसी भी मौत को कोविड-19 से संबंधित मौत माना जाता है, जिसमें यह बीमारी किसी न किसी तरह एक कारक रही है. मगर चीन ऐसा नहीं करता है. बुधवार की तुलना में गुरुवार को करीब 3 हजार से अधिक नए केस दर्ज किए गए थे.




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