कोरोना वायरस ( Coronavirus ) के खतरे को देखते हुए देश में 21 तक लॉकडाउन लागू है. इस वजह से शहरों में काम कर रह रहे मजदूर अपने गांव वापस लौट रहे हैं. गांव लौटने वाले लोगों को सावधानी के तौर पर 14 दिन क्वारंटाइन रहने की सलाह दी जा रही है.
वहीं, पश्चिम बंगाल (West Bengal) के पुरुलिया जिले में चेन्नई से लौटे कुछ लोगों ने अपने आपको पेड़ पर क्वारंटाइन (Quarantine) किया है. बताया गया कि इन लोगों के घरों में सेल्फ आइसोलेशन के लिए अलग से कमरे नहीं हैं इसलिए उन्हें ऐसा करना पड़ा है. ऐसे में इन्होंने अपने लिए पेड़ पर चारपाई बांदकर खुद को सबसे अलग कर लिया है.
लॉकडाउन (Lockdown) के चलते ये सभी चेन्नई से अपने गांव लौटे हैं.

गांव में जाने से पहले इन्होंने हेल्थ सेंटर में अपना मेडिकल चेकअप (Medical Checkup) कराया, जहां डॉक्टर ने उन्हें 14 दिन क्वॉरंटाइन (एकांतवास) में गुजारने की सलाह दी.
इनका कहना है कि रात को बाहर सोने में इसलिए डर था क्योंकि गांव के बाहर अक्सर हाथी आ जाते हैं. ऐसे में इनको तरकीब सूझी और अपनी चारपाई पेड़ के ऊपर बांध ली. इससे वो जानवरों से भी बच रहे हैं और दूसरे लोगों को कोरोना के खतरे से भी बचा रहे हैं.
गांव वाले (Villagers) और परिवार वाले उनके लिए खाने की व्यवस्था कर रहे हैं. लोग खाने को वे पेड़ के नीचे रखकर चले जाते हैं. ये कामगार, गांव वालों के जाने के बाद नीचे आते हैं और अपना खाना लेकर ऊपर चले जाते हैं.






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