इस पर टाटा ग्रुप के चेयरमैन रतन टाटा ने कहा, ‘भारत समेत दुनियाभर में कोरोना वायरस संक्रमण की स्थिति चिंताजनक है और इस पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए. बीते समय में भी राष्ट्र की जरूरत के लिए टाटा ट्रस्ट और टाटा ग्रुप हमेशा आगे आया है. वर्तमान की परिस्थिति भी पर भी विशेष ध्यान देने की जरूरत है. मेरा मानना है कि इस कठिन परिस्थिति में इमरजेंसी रिर्सोसेज का त्वरित इस्तेमाल किया जाना चाहिए ताकि हम कोविड—19 संकट से निपट सकें. मनुष्यों की सबसे कठिन घड़ी है.’टाटा ट्रस्ट (Tata Trust) ने कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) की चपेट में आए लोगों की मदद के लिए 500 करोड़ रुपये की मदद करेगी. इस फंड का इस्तेमाल पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट, रेस्पिरेटरी सिस्टम, ट्रीटमेंट और टेस्टिंग किट पर खर्च किया जाएगा. इसके साथ ही, इस फंड का इस्तेमाल मॉड्युलर ट्रीटमेंट फैसिलिटी, हेल्थ वर्कर्स की ट्रेनिंग और आम लोगों को जागरुक करने पर खर्च किया जाएगा. शनिवार को कंपनी ने एक बयान जारी कर जानकारी दी है.

बता दें कि कुछ दिन पहले ही उद्योग जगत के कई दिग्गजों ने कोरोना वायरस से निपटने के लिए फंड देने का ऐलान किया है. इसमें मोबाइल वॉलेट कंपनी पेटीएम के संस्थापक विजय शेखर शर्मा, महिंद्रा एंड महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा, वेदांता प्रमुख अनिल अग्रवाल, विप्रो अजीम प्रेमजी और रिलायंस इंडस्ट्रीज के मुकेश अंबानी का नाम शामिल है. आनंद महिंद्रा ने अपनी एक महीने की सैलरी के साथ ही वेंटिलेटर्स बनाने का भी प्रस्ताव दिया है, जिसपर तेजी से काम चल रहा है. अनिल अग्रवाल ने 100 करोड़ रुपये देने का ऐलान किया है.
भारत में अब तक संक्रमण के 877 मामले
बता दें कि शनिवार शाम तक देश में कोरोना वायरस संक्रमण के कुल 877 मामले सामने आ चुके हैं. इनमें से 799 मामले एक्टिव केस हैं, जबकि 66 लोग अब तक इस संक्रमण से रिकवर हो चुके हैं. वहीं 19 लोगों की मौत हो चुकी है. शुक्रवार को सिर्फ केरल में ही कोरोना के 39 पॉजिटिव केस पाये गये.


