हिंदू और धर्म को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत के बयान कहा जन अधिकार पार्टी के सुप्रीमो पप्पू यादव ने खंडन किया है। पटना में मंगलवार को एक प्रेस कांफ्रेंस का आयोजन किया गया, जिसमें पप्पू यादव ने कहा कि हिंदू सिर्फ एक धर्म नहीं है बल्कि यह एक विचारधारा है। यह हमारी संस्कृति का हिस्सा है। हिंदुत्व का मतलब कट्टर हिंसावादी विचारधारा नहीं है, बल्कि मानवतावादी विचारधारा है।
मोहन भागवत ने हिंदुत्व की जो विचारधारा बताई है उसके हिसाब से उन्हें सिख, ईसाई, मुस्लिम, दलित या क्रिश्चियन सभी से नफरत है। जबकि हिंदुत्व प्रेम की विचारधारा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पूरा देश हिंदू है, तो लव जिहाद का मुद्दा कैसे उठ रहा है। आगे उन्होंने कहा कि अगर हिंदू एक है तो समाज क्यों बटा हुआ है क्यों दलितों और आदिवासियों को शादी व अन्य संस्कारों से अलग रखा जाता है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी साधा निशाना
साथ ही इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में पप्पू यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर जिसमें उन्होंने कहा कि था कि 2002 में हमने जो किया क्या वह भूल गए। इस पर पप्पू यादव ने कहा कि अमित शाह ने स्वीकार कर लिया है कि 2002 का दंगा उन्होंने ही करवाया था। उन्होंने पूछा कि भाजपा का क्या मतलब है- “बलात्कारियों द्वारा, बलात्कारियों के लिए, बलात्कारियों का शासन” साथ ही उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से मांग की कि अमित शाह के बयान के आलोक में गुजरात दंगों की पुनः जांच कराई जाए। आगे उन्होंने कहा की श्रद्धा मर्डर केस के बाद 11 ऐसे केस सामने आए, लेकिन भाजपा के नेताओं और बड़े मीडिया संस्थाओं ने इस पर क्यों चुप्पी साध ली।
पासी समाज के आंदोलन का किया समर्थन
पप्पू यादव ने पासी समाज के समर्थन में कहा कि मैं सरकार से आग्रह करता हु, वह तारी बेचकर रोजी-रोटी चलाने वाले पासी समाज के लोगों को जेल ना भेजें। उन्होंने घोषणा की कि पासी समाज की लड़ाई में जन अधिकार पार्टी उनके साथ खड़ा रहेगा। बिहार में शराबबंदी कानून की समीक्षा हो…बिहार में शराबबंदी कानून की समीक्षा की जानी चाहिए। जहरीली शराब के कारण हो रही मौतों पर कार्रवाई करने की जरूरत है।




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