2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव में लोजपा (रामविलास) कितने सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी के सवाल पर सोमवार को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व जमुई सांसद चिराग पासवान ने कहा कि ये अभी चर्चा का विषय है। अभी भाजपा के साथ गठबंधन की औपचारिक घोषणा नहीं हुई है। फिलहाल बातचीत चल रही है। साथ ही कहा कि कुढ़नी के उप चुनाव प्रचार के मुद्दे पर चिराग ने कहा कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल का कॉल आया था। प्रोग्राम को लेकर उन्होंने चर्चा की थी।
हमारे पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी से उनकी फिर से बात होगी। इसके बाद कुढ़नी का कार्यक्रम तय होगा। पार्टी के भाजपा में विलय से संबंधित पूछे गए सवाल पर उन्होंने इस बात से साफ इनकार किया। कहा कि ऐसी कोई बात है नहीं। जहां तक बात केंद्र सरकार के द्वारा जनसंख्या नियंत्रण की पॉलिसी लाने की है तो जब इसका खाका तैयार होगा तो उसके अध्ययन करने के बाद ही लोजपा (रामविलास) अपना स्टैंड साफ करेगी।
23 साल की हुई लोजपा
दरअसल, मौका पार्टी के स्थापना दिवस का था। पार्टी के हुए बंटवारे और चाचा-भतीजे के विवादों के बीच आज लोक जनशक्ति पार्टी पूरे 23 साल की हो गई है। इस मौके पर चिराग ने साल 2000 में हमारे पिता ने लोजपा की नींव रखी थी। स्थापना दिवस पर पार्टी ने संकल्प लिया है कि संस्थापक व पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के जितने भी अधूरे काम थे, उसे पूरा करेगी। उनके विचारों को घर-घर पहुंचाएगी। हम अपने नेता के सपनों का बिहार बनाने का संकल्प लेते हैं।
चिराग ने आरोप लगाया कि उनके नेता यानी पिता के निधन के बाद कई लोगों ने उनकी पार्टी को समाप्त करने की कोशिश की। कई लोगों ने साजिश रची कि रामविलास पासवान के विचारों को ही खंडित कर दिया जाए। इसके लिए कई बड़े लोगों और शक्तियों ने अहम भूमिका निभाई। बावजूद इसके पिछले दो सालों से लोजपा (रामविलास) के हर एक नेता और कार्यकर्ता पूरी मजबूति से डंटा हुआ है। चिराग ने माना कि पार्टी में टूट के बाद पिछले दो साल हमारे लिए बहुत संघर्षपूर्ण रहे। चिराग ने कहा कि हमारे नेता ने शोषित-वंचित लोगों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने की कवायद की। देश के 6 प्रधानमंत्रियों के साथ उन्होंने काम किया था। जिन विभागों की जिम्मेवारी उन्हें मिली, पूरी मेहनत के साथ उन्होंने काम किया था। स्थापना दिवस के मौके पर पटना में चिराग ने अपनी पार्टी के नए ऑफिस का उद्घाटन भी किया।

पार्टी के हुए बंटवारे और चाचा-भतीजे के विवादों के बीच आज लोक जनशक्ति पार्टी पूरे 23 साल की हो गई है।
बिहार में सरकार बनाने की रणनीति पर होगा काम
चिराग ने कहा कि आने वाले लोकसभा चुनाव या बिहार में होने वाले मध्यावधि चुनाव के दरम्यान बिहार फर्स्ट-बिहारी फर्स्ट के सपने को धरातल पर कैसे उतारा जाए? बिहार फर्स्ट-बिहारी फर्स्ट के तहत हमारी सरकार बिहार में कैसे बने? इस पर पार्टी रणनीति तैयार करेगी। इसके लिए पार्टी और नेताओं की तरफ से ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। आने वाले दिनों में पार्टी को और मजबूत किया जाएगा। आने वाले चुनाव पर हमारी नजर है। हर जिला स्तर पर समीक्षा होगी। जिलों से समीक्षा रिपोर्ट आने के बाद चुनाव की रणनीति तैयार होगी।
पार्टी में टूट और चुनाव चिन्ह को जब्त किए जाने पर चिराग पासवान ने कहा कि ये एक प्रक्रिया का हिस्सा है। चुनाव आयोग ने इसे टेम्पररी फ्रिज किया है। आने वाले दिनों में स्पष्ट हो जाएगा कि पार्टी किसकी है? ये प्रक्रिया का हिस्सा है। इस पर अभी कुछ बोलना सही नहीं होगा। मौके पर उन्होंने नीतीश कुमार की सरकार पर भी सवाल खड़ा किया। कहा कि नीतीश कुमार ने अगर काम किया होता तो आज जदयू बिहार में तीसरे नंबर की पार्टी नहीं होती। उनका काम दिखता नहीं है। इसीलिए बिहारियों को काम करने लिए यहां से पलायन कर दूसरे राज्य जाना पड़ता है। रोजगार और शिक्षा के लिए यहां के लोग लगातार दूसरे राज्य जा रहे हैं।

राष्ट्रीय लोजपा भी आज राजधानी के रविन्द्र भवन में लोजपा का 23वां स्थापना दिवस मना रही है
पारस की पार्टी भी रविन्द्र भवन में मना रही स्थापना दिवस
केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस की पार्टी राष्ट्रीय लोजपा भी आज राजधानी के रविन्द्र भवन में लोजपा का 23वां स्थापना दिवस मना रही है। इस मौके पर राष्ट्रीय लोजपा के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद प्रिंस राज ने कहा कि जिस तरह पार्टी में टूट हुई, उसके बाद भी संस्थापक व पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के सपनों को राष्ट्रीय अध्यक्ष पूरा कर रहे हैं। शोषित वंचितों को आगे बढ़ा रहे हैं। प्रिंस ने कहा कि राष्ट्रीय लोजपा क्यों बनी? किन परिस्थितियों में बनी? इसे समझना होगा। हम झोपड़ी और परिवार को तोड़ना नहीं चाहते थे। हमें सिर्फ पार्टी का शीर्ष नेतृत्व को बदलना था।
अपने चचेरे भाई चिराग पासवान का नाम लिए बगैर कहा कि एक व्यक्ति के निर्णय की वजह से ये सब हुआ। जो सही नहीं था। हमारे में कोई लालच नहीं है। जो दलितों, शोषित और वंचितों की बात करते हैं, हम उनके साथ रहेंगे।

केंद्रीय मंत्री ने चिराग का नाम लिए बगैर किया हमला।
केंद्रीय मंत्री व राष्ट्रीय लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पशुपति कुमार पारस ने कहा कि आज बीच मझधार में मैं अकेले हूं। मेरी कोशिश है कि बड़े भइया के सपनों को पूरा करूं। बड़े भइया की ही देन है कि देश में मंडल कमीशन लागू हुआ। उन्होंने ही देश में संचार क्रांति आई। आज बड़े भइया नहीं हैं। पार्टी टूटी क्यों? जब दल टूटता है तो दल जुट जाता है। पर दिल टूटने के बाद नहीं जुड़ता है।
चिराग का नाम लिए बगैर कहा कि बाहरी व्यक्ति के कहने पर वो चला। बाहरी व्यक्ति के कहने पर दल को उसने तोड़ा। चिराग ने मुझे नीतीश के पक्ष में बयान देने पर कहा था कि आपके और मेरे खून में फर्क है। तब कहा था कि चिराग होश में रहो। चिराग आज फिर से NDA गठबंधन में आने की कोशिश कर रहा है।
नीतीश कुमार आज हमारे समाज के लोगों को प्रताड़ित कर रहे हैं। मेरी मांग है कि हर जिले में DM और SP में से कोई एक अधिकारी दलित वर्ग का हो। शराब बंदी पर कहा कि ईमानदारी पूर्वक इस पर काम करें या सक्षम नहीं हैं तो शराब बंदी को खत्म करो। क्योंकि इनसे संभल नहीं रहा है।
हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से रामविलास को भारत रत्न देने की मांग की। साथ ही गृह मंत्री से हाजीपुर स्टेशन का नाम बदलकर रामविलास पासवान के नाम पर किया जाए। साथ ही समाहरणालय में उनकी मूर्ति स्थापित की जाए। स्थापना दिवस पर पार्टी को मजबूत करने की बात कही। गांव की ओर अपनी पार्टी को ले जाना चाहते हैं।


केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जब तक जिंदा हूं तब तक NDA में रहूंगा। कुढ़नी के उप चुनाव में भी भाजपा गठबंधन के उम्मीदवार केदार गुप्ता जी जीतेंगे। हमने कुढ़नी के वोटर्स से इसके लिए अपील की। नीतीश कुमार ने कहा था कि हम मर जाएंगे पर राजद के साथ गठबंधन नहीं करेंगे। पर वही काम उन्होंने किया। वो राजद की गोद मे जाकर बैठ गए।



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