स्वच्छ भारत मिशन को लेकर स्वच्छ रखने को लेकर केंद्र औऱ राज्य सरकार द्वारा कई तरह के महत्वाकांक्षी योजनाएं चलाई जा रही है। ताकि गंदगी से होने वाली गंभीर बीमारियों पर रोकथाम लग सके, लेकिन ठीक इसके विपरीत धरातल पर इन योजनाओं को अमलीजामा पहनाने के बजाय सुपौल जिले के त्रिवेणीगंज अनुमंडलीय अस्पताल परिसर स्थित एएनएम स्कूल सह छात्रवास त्रिवेणीगंज में कचड़े का जमावड़ा है। यहां आने जाने वाले लोग या एएनएम स्कूल सह छात्रवास में रहने वाली दर्जनों छात्राएं महामारी के प्रकोप के साए में शिक्षा प्राप्त कर रही हैं।

त्रिवेणीगंज अनुमंडलीय अस्पताल परिसर में महामारी फैलने का डर
बीमारी फैलने का बना हुआ है डर
एएनएम स्कूल सह छात्रावास में साफ-सफाई की सुदृढ़ीकरण व्यवस्था नहीं रहने के कारण बीमारी के खतरे का भय बना रहता है। एएनएम स्कूल सह छात्रावास के बिल्डिंग के चारों तरफ गंदगी व कचरा ही नजर आता है। चारों तरफ गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जबकि इन दिनों वायरल बुखार का प्रकोप आम लोगों को खासा परेशान कर रहा है। ऐसे में आसपास फैली गंदगी से मच्छर पैदा हो रहे हैं और बीमारी का खतरा बढ़ रहा है। भले ही विभागीय अधिकारी साफ सफाई के सुदृढ़ होने की बात करते हो, लेकिन हकीकत काफी उलट है। यह स्थिति तो तब है जब बुखार और डेंगू का प्रकोप हर ओर फैला हुआ है। बढ़ते बुखार के प्रकोप से लोग बेहाल है।
क्या कहते हैं सिविल सर्जन
इस पूरे मामले को लेकर एएनएम स्कूल की प्रिंसिपल नीतू कुमारी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि एएनएम स्कूल के निचले फ्लोर पर कुछ महीने तक त्रिवेणीगंज अनुमंडलीय अस्पताल चलता था, लेकिन कुछ महीने पहले अनुमंडलीय अस्पताल को अपना भवन मिल गया। जिसमें अनुमंडलीय अस्पताल यहां से चले गए है,लेकिन अनुमंडलीय अस्पताल त्रिवेणीगंज के प्रशासन के द्वारा कुछ-कुछ सामान नहीं हटाया गया है, जिसके कारण भवन के निचले फ्लोर के रूम में गंदगी फैला हुआ है। अस्पताल के चारों तरफ गंदगी फैलने को लेकर कई बार यहां के सफाई कर्मी और सुपरवाइजर को बोला गया है, लेकिन उनके द्वारा साफ-सफाई नहीं किया जा रहा है। इसको लेकर हम त्रिवेणीगंज एसडीएम साहब को भी बोले हैं। इधर सुपौल सिविल सर्जन डॉक्टर मिहिर कुमार वर्मा ने कहा मामला संज्ञान में आया है और कार्रवाई के आदेश दे दिए गए हैं।



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