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नवादा में बुलाने पर भी नहीं आई एंबुलेंस, अस्पताल में बिना देखे रेफर कर दिया

एक ओर बिहार के स्वास्थ्य मंत्री तेजस्वी यादव व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए औचक निरीक्षण कर रहे हैं। अफसरों के साथ बैठकें कर रहे हैं। वहीं नवादा से एक वीडियो सामने आया है। जो हेल्थ सिस्टम पर सवाल खड़ा कर रहा है। यहां एक पिता अपने बेटे को ठेले पर लिटाकर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड तक पहुंचा। कई बार कॉल करने के बाद भी जब एंबुलेंस नहीं आई तो पिता ने ठेले से ही बेटे को अस्पताल ले जाने का फैसला किया।

पिता बेटे को ठेले पर लेकर अस्पताल लेकर पहुंचा भी, लेकिन वहां मौजूद कर्मचारी ने बिना देखे ही उसे 30 किलोमीटर दूर के अस्पताल में रेफर कर दिया। उन्होंने उसे प्राथमिक ट्रीटमेंट देना भी बेहतर नहीं समझा।

मरीज को बिना देखे ही अस्पताल के कर्मचारी ने 30 किलोमीटर दूर के अस्पताल में रेफर कर दिया।

मरीज को बिना देखे ही अस्पताल के कर्मचारी ने 30 किलोमीटर दूर के अस्पताल में रेफर कर दिया।

ये वीडियो गुरुवार देर रात का है। शिवशंकर प्रसाद के बेटे प्रिंस को ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने बिना देखे ही रेफर कर दिया। हद तो यह कि मरीज अस्पताल भी नहीं पहुंचा था। वह रास्ते में ही था। एंबुलेंस नहीं मिलने के कारण परिजन उसे ठेले पर लेकर अस्पताल जा रहे थे, लेकिन उसके अस्पताल पहुंचते-पहुंचते डॉक्टर ने विम्स पावापुरी जो वहां से 30 किलोमीटर है वहां के लिए रेफर कर दिया।

मरीज को बुखार और मिर्गी की थी शिकायत

दरअसल मरीज के पिता पहले ही अस्पताल पहुंच गए थे। उन्होंने पर्ची कटवाई और बीमार बेटे के अस्पताल पहुंचने से पहले डॉक्टर के पास जाकर समस्या बताई। मर्ज सुनते ही चिकित्सक ने पर्ची ली और उसे रेफर कर दिया, जबकि मरीज ने अस्पताल में कदम भी नहीं रखा था।

प्रिंस को सुबह से ही तबीयत खराब थी। उसे बुखार लगा था और उसे मिर्गी की भी शिकायत थी। इससे पहले शाम में 4 बजे परिजन उसे सदर अस्पताल लाए थे। उस समय चिकित्सकों ने बुखार की दवा दी थी और घर भेज दिया था।

मरीज को बुखार और मिर्गी की शिकायत थी।

मरीज को बुखार और मिर्गी की शिकायत थी।

खुद को हड्डी का डॉक्टर बता मरीज को कर दिया रेफर

रात में प्रिंस की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। तब आनन-फानन में उसके पिता अस्पताल पहुंच गए। बीमार बेटे को परिवार के अन्य सदस्य ठेले पर लेकर अस्पताल आ रहे थे। इसी बीच पिता ने पर्ची कटा ली और डॉक्टर के पास चले गए और बीमारी बताई।

प्रिंस के भाई संतोष का आरोप है कि बेटे का मर्ज सुनते ही डॉक्टर ने पर्ची पर रेफर लिख दिया। डॉक्टर का कहना था कि वे हड्डी के डॉक्टर हैं। परिजनों का आरोप है कि 102 एम्बुलेंस सेवा के लिए संपर्क करते-करते थक गए। जब भी नंबर डायल किया तो बिजी ही बताता रहा। इसलिए मरीज को पड़ोसी के ठेले पर लेकर सदर अस्पताल पहुंचे हैं। अब विम्स रेफर किए जाने के बाद फिर 102 डायल करने पर बिजी ही बता रहा है। ऐसे में निजी एम्बुलेंस से पावापुरी ले जा रहे हैं।

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