गया जिले के डोभी थाने में एक प्रसूता ने नर्सिंग होम के संचालक पर लड़का की जगह पर मरी हुई लड़की सौंपने की शिकायत की है। इस मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। हालांकि अब तक पुलिस मामले की तह तक नहीं पहुंची है। पुलिस अस्पताल के संचालक सत्यनारायण साव को थाने लाकर पूछताछ करने में जुट गई है।
डोभी थाना क्षेत्र के वकीलगंज स्थित धनवंतरी नर्सिंग होम से निमियाटांड की रहने वाली ममता देवी का कहना है कि उसने 30 अक्तूबर को बच्चा जना था। अस्पताल वालों ने बच्चे को बीमार बता कर बाराचट्टी भेज दिया गया। वहां पर हमने अपने बच्चे को देखा। लेकिन शाम को एक बार फिर बच्चे को अधिक बीमार बताते हुए उसे गया भेजने की बात कही गई। गया में डॉ उमेश कुमार के घर बच्चे को भर्ती कराने की बात बताई गई।
यही नहीं वहां से भी बच्चे को हटा कर 4 नवंबर को शहर डॉ विवेकानंद के यहां भर्ती होने की बात गई। इतना लंबे समय तक बच्चे को जब वापस नहीं किया गया तो प्रसूता ममता देवी धनवंतरी नर्सिंग होम के संचालक के घर पहुंची। बच्चा वापस देने की बात कही।
ममता का आरोप है कि बच्चा वापस देने की जगह पर उसे मरी हुई बच्ची दे दी गई। यहीं नहीं यह भ्ज्ञी बताया गया कि बच्चा नहीं बल्कि बच्ची ने जन्म लिया था। महिला का यह भी आरोप है कि लड़का जन्म लेने की खुशी में नर्सिंग होम के स्टाफ को बख्शीश में 500 रुपये भी दिए थे। बावजूद इसके अब बताया जा रहा है कि बच्चा नहीं बल्कि बच्ची ने जन्म लिया था।



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