पटना में गरीब कोरोना से नहीं, भूख से म’र जाएगा। घर में राशन खत्म होता जा रहा है। काम भी नहीं मिल रहा, पैसे भी नहीं है। ऐसे में सरकारी राशन की दुकानें लॉक डाउन के बाद से बंद हैं। पूछने पर कोटेदार बताता है कि अभी अनाज नहीं है। अप्रैल में आएगा तब बंटेगा। यह द’र्द है वार्ड 55 में रहने वाले सैकड़ों गरीबों का। जब हिन्दुस्तान स्मार्ट ने इस द’र्द की सच्चाई शहर के इलाकों में पता की तो सभी जगह एक जैसा हाल मिला। पांच रिपोर्टर ने 10 से अधिक सार्वजनिक वितरण की दुकानों की पड़ताल की। सभी जगह ये दुकानें बंद मिलीं। स्थानीय लोगों ने बताया कि लॉक डाउन के बाद से ही दुकानें बंद हैं, कुछ दुकानें तो और पहले से बंद चल रही हैं। हर दिन गरीब दुकान पर आते हैं और ताला लगा देख लौट जाते हैं। कुछ दुकान संचालकों ने बताया कि मुफ्त अनाज अप्रैल में आएगा, तब दुकान खोलेंगे।
फिर एक कोरोना पॉजिटिव मिला
गुरुवार को पटना में कोरोना से एक और संक्रमित मरीज मिला है। यह व्यक्ति पटना में कोरोना से मरने वाले पहले म’रीज सैफ के संपर्क में आया था। बताया जा रहा है कि सैफ ने खेमनीचक के एक निजी अस्पताल में अपना इलाज करवाया था। यह मरीज वहीं पर वार्डब्वॉय का काम करता है। सैफ की मौत के बाद इस अस्पताल के 12 कर्मियों की जांच की गई थी जिसमें केवल इसका नमूना ही पॉजिटिव आया है। यह एनएमसीएच में भर्ती था, लेकिन रिपोर्ट आने से पहले भाग गया। बाद में टास्क फोर्स इसे पकड़कर लाई।

पोस्टल पार्क स्थित वार्ड 31 के जन वितरण केंद्र पर ताला लटका हुआ है। स्थानीय लोगों ने बताया कि जब से लॉक डाउन हुआ है तब से यह दुकान बंद है। रोज लोग राशन के लिए आते हैं और लौट जाते हैं। कई गरीब लोग तो रोते हुए वापस जाते हैं।
पूर्वी लोहानीपुर स्थित सरकारी राशन दुकान बंद है। संचालक कृष्णा बताते हैं कि अभी मुफ्त में बांटने के लिए अनाज नहीं आया है। एक सप्ताह या 10 दिन के बाद ही अनाज आएगा। पश्चिमी लोहानीपुर के दुकानदार विनय कुमार का भी यही कहना था।
उत्तरी मंदिरी स्थित राशन दुकान में ताला लगा हुआ है। लोगों ने बताया कि दो दिनों ये यहां ताला लगा है। राशन के लिए लोग आते हैं फिर लौटकर चले जाते हैं। धोबी मोहल्ले की राशन दुकान का भी यही हाल है। यहां एक सप्ताह से ताला लगा है।

राजीवनगर और केसरी नगर के साथ बाबा चौक के आसपास रह रहे लोगों का कहना है कि दुकानदार अगले महीने आने की बात कहकर वापस कर रहा है। राजीव नगर के कैलाश ने बताया कि कई बार दुकान गए, लेकिन अनाज नहीं मिला। कोटेदार मनोज का कहना है कि अभी दुकानों को कोई निर्देश नहीं है।
वार्ड संख्या 48 में करीब एक दर्जन सरकारी राशन दुकानें हैं। यहां पिछले एक महीने से राशन नहीं बंटा है। बीपीएल कार्डधारी रोज पार्षद के चक्कर काट रहे हैं। कई गरीबों का कहना है कि पिछले कई महीनों से राशन नहीं मिला है।



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