बक्सर में चल रहे सनातन संस्कृति समागम में मंगलवार की रात 10 बजे अपने बैंड कैलासा के साथ कैलाश खेर पहुंचे। उन्होंने जैसे ही ‘मैं तो तेरे प्यार में दीवाना हो गया…’ गाना शुरू किया, तो वैसे ही मंच के नीचे श्रोताओं ने झूमना चालू कर दिया। सूफी गायक कैलाश खेर ने बक्सर की धरती पर अपने एलबम कैलासा का गीत ‘जोगी दे नाल नी…’ के अलावे एक से बढ़कर एक अपने प्रसिद्ध गीतों को सुनाया।
कैलाश खेर ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि ऋषि विश्वामित्र की धरती, भगवान वामन की जन्म भूमि और श्रीराम की कर्म भूमि पर इस ऐतिहासिक यज्ञ में आज यह कैलाश रामभक्तों के बीच पहुंचा है। हमें यहां के लिए मंत्री अश्विनी चौबे ने दो-तीन महीने पहले आमंत्रित किया था। ऐसे पहले मंत्री हैं, जो हमसे मिलकर हमें पहले गले लगाया। उसके बाद कहा कि मिल गए मेरे भोले। उसके बाद आमंत्रण देते हुए कहा कि आपको बक्सर की धरती पर हो रहे यज्ञ में संगीत की आहुति देने आना है। यह सुनते ही दर्शक ‘जय श्री राम’ और ‘हर हर महादेव’ के नारे लगाने लगे।
कैलाश इसके बाद ‘तौबा तौबा रे तेरी सूरत…’ और अन्य गीत गाकर श्रोताओं को रात भर झुमाते रहे।
बता दें कि श्रीराम कर्म भूमि न्यास द्वारा आयोजित 9 दिवसीय सनातन संस्कृति समागम में राम कथा संत सम्मेलन के साथ सांस्कृतिक साहित्यिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। इसमें पहले दिन कई राज्यों से पधारे कलाकार और स्थानीय गायकों के द्वारा अपनी प्रस्तुति दी गई। वहीं दूसरे दिन मंगलवार की रात सुप्रसिद्ध गायक ने अपने एलबम के एक से बढ़कर एक गीत प्रस्तुत किए। आज इस कार्यक्रम के तीसरे दिन अनुराधा पौड़वाल के आने की सूचना है।



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