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मुजफ्फरपुर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट:स्मार्ट सिटी के लिए 1580 करोड़ की जगह 982 करोड़ की ही प्रशासनिक स्वीकृति

मुजफ्फरपुर स्मार्ट सिटी प्राेजेक्ट पर अब 1580 कराेड़ की राशि खर्च नहीं हाेगी। 1580 कराेड़ की जगह मंगलवार काे राज्य मंत्रिमंडल ने 982 कराेड़ की प्रशासनिक स्वीकृति दी। बिहारशरीफ स्मार्ट सिटी काे भी पहले से स्वीकृत 1517 कराेड़ की जगह 978 कराेड़ की राशि की प्रशासनिक स्वीकृति मिली है। मुजफ्फरपुर स्मार्ट सिटी प्राेजेक्ट का काम 982 कराेड़ रुपए में जून 2023 तक पूरा कर लेना है। किसी भी प्राेजेक्ट की राशि नहीं बढ़ेगी। मार्च के बाद से किसी नए प्राेजेक्ट काे स्मार्ट सिटी में शामिल करने पर भी ब्रेक लगा दिया गया है।

लेटलतीफी की वजह से ही मुजफ्फरपुर स्मार्ट सिटी की जगह बुडकाे काे बैरिया बस पड़ाव व ऑडिटाेरियम के साैन्दर्यीकरण की जवाबदेही दी गई। एलएस काॅलेज में जाे का काम हाेना था। वह भी स्मार्ट सिटी से नहीं हाे सका। स्मार्ट सिटी के अधिकारी का कहना है कि पहले से जिस प्राेजेक्ट का टेंडर व एग्रीमेंट हाे चुका है। उस पर इसका असर बहुत ज्यादा नहीं पड़ेगा। पीपीपी माेड में जाे काम हाे रहा है। उसमें भी अब किसी तरह की राशि नहीं बढ़ सकती। पहले से तय राशि में ही काम करना हाेगा। इसका संकेत नगर विकास एवं आवास विभाग ने दिया भी था। जून 2023 तक काम पूरा करके बिहार सरकार काे भारत सरकार काे रिपाेर्ट भेज देनी है।

माेतीझील से हटेगा अतिक्रमण, लक्ष्मी चाैक के अतिक्रमणकारियाें काे दाे दिन का अल्टीमेटम
स्मार्ट सिटी प्राेजेक्ट का काम जून 2023 तक पूरा कर लेना है। भारत सरकार के डेडलाइन तय करने के बाद शहर में कई प्राेजेक्ट में तेजी आई है। बैरिया व स्टेशन तक नाला निर्माण के दाैरान लक्ष्मी चाैक के निकट अतिक्रमण की वजह से काम बाधित है। सिटी मैनेजर विष्णु प्रभाकर ने मंगलवार काे स्थल जांच करने के बाद दाे दिनाें का समय लक्ष्मी चाैक के अतिक्रमणकारियाें काे दिया।

दूसरी ओर, स्मार्ट सिटी के एमडी सह नगर आयुक्त नवीन कुमार ने टाउन थाना से माेतीझील से कल्याणी हाेते हुए हरिसभा तक स्मार्ट सिटी से निर्माण कार्य का जायजा लिया। माेतीझील में अतिक्रमण की वजह से काम करने में एजेंसी ने परेशानी बताई। कल्याणी चाैक पर बैरिकेडिंग के बावजूद लाेग नहीं मान रहे हैं।

एमडी बोले- नोटिस देकर खाली करा लिया जाएगा अतिक्रमण
एमडी नवीन कुमार ने कहा कि अतिक्रमण की वजह से किसी तरह की परेशानी नहीं हाेगी। एजेंसी चिन्हित कर इसकी रिपाेर्ट नगर निगम काे दें। एक सप्ताह में जहां भी जरूरत हाेगी। नाेटिस देकर वहां अतिक्रमण खाली करा लिया जाएगा। संवेदक को एमडी ने निर्देश दिया कि नाला बनाने के काम में तेजी लाने का काम समय से पूरा किया जाए। जहां भी अतिक्रमण है उसे सात दिनों की सूचना देकर अतिक्रमित भाग तोड़कर नाला का काम सुचारू किया जाएगा।

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