आरा-पटना नेशनल हाईवे पर शहर के टाउन थाना क्षेत्र के धनुपरा गांव के समीप रविवार को अज्ञात वाहन ने सड़क किनारे पैदल जा रहे प्राइवेट गार्ड को रौंद दिया, जिसके बाद इलाज के दौरान शहर के निजी अस्पताल में उन्होंने दम तोड़ दिया। घटना को लेकर लोगों के बीच अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया। जानकारी के अनुसार मृतक गड़हनी थाना क्षेत्र के पोसवां गांव निवासी पूरन सिंह के 46 वर्षीय पुत्र रूपेश सिंह है। वह पेशे से प्राइवेट गार्ड थे एवं वर्तमान में धनुपरा स्थित निजी स्कूल में गार्ड के रूप में कार्यरत थे।n
ड्यूटी पर जा रहे थे रूपेश सिंह
इधर मृतक के चचेरे भाई बिरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि वह प्रतिदिन की तरह देर शाम भी अपने गांव पोसवां से बस पर सवार होकर आरा आए। उसके बाद वह ऑटो पर सवार होकर अपनी ड्यूटी पर जाने के लिए धनुपरा गांव के समीप ऑटो से उतरे और सड़क किनारे जा रहे थे। उसी दौरान विपरीत दिशा से आ रही अज्ञात वाहन ने उन्हें रौंद दिया। जिससे वह गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे। जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए आरा सदर अस्पताल लाया गया था। जहां से प्राथमिक उपचार करने के बाद उनकी हालत को चिंताजनक देखते हुए पटना रेफर कर दिया गया था।

मामले की छानबीन में जुटी पुलिस
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
हालांकि परिजन उन्हें पटना ना ले जाकर उनका इलाज शहर के निजी अस्पताल में करा रहे थे जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। इसके बाद परिजन उनके शव को वापस आरा आरा सदर अस्पताल ले आए। जिसके पश्चात उन्होंने इसकी सूचना टाउन थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही टाउन थाना पुलिस सदर अस्पताल पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर उसका पोस्टमार्टम करवाया।बताया जाता है कि मृतक अपने तीन भाई व एक बहन में सबसे बड़े थे। मृतक के परिवार में पत्नी शांति देवी,तीन पुत्री सोनी कुमारी,प्रिया कुमारी,जुली कुमारी व दो पुत्र सोनू कुमार एवं विवेक कुमार है। घटी इस घटना के बाद मृतक के परिवार के सभी सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल था।



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