बिहार में पर्यटन को लेकर सरकार कई तरह की योजनाएं बना रही हैं। सांस्कृतिक और एतिहासिक तौर पर संपन्न बिहार लोगों को हमेशा आकर्षित करता रहा है।लेकिन पर्यटन की दृष्टि से विकास न हो पाने के कारण यहां पर्यटकों की पहुंच नहीं हो पाती है। ऐसे में सरकार वॉटर स्पोर्ट्स को बढ़ावा दिए जाने पर काम कर रही है।

पर्यटन विभाग के पास चलाने की जिम्मेवारी।
बिहार में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से नई सुविधाओं की शुरुआत की जा रही है, ताकि बिहार में आनेवाले पर्यटकों की संख्या बढ़ सके। इसी को लेकर बेतिया के अमवा मन में वाटर स्पोर्ट्स और पैरासेलिंग की सुविधा पर्यटन विभाग की ओर से शुरू की गई है। इसका ट्रायल विगत 6 माह पूर्व हो चुका है।जो सफल रहा। बता दे किस का उद्घाटन भी 5 माह पूर्व हो चुका है।

मंगलवार को बंद रहेगी सुविधा।
सैलानियों को इंतजार
अब सैलानियों को इसे खुलने का इंतजार है। हालांकि कयास जताया जा रहा है कि 15 नवंबर से पर्यटकों के लिए पैरा सेलिंग की सुविधा शुरू की जाएग ताकि दूर-दूर से आने वाले सैलानी पैरासेलिंग के साथ पर्यटक वाटर स्पोर्ट्स का भी आनंद लें सकेंगे। हालांकि, इसकी अधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हो पाई है कि कब से इसे खोला जाएगा। बेतिया डीएम कुंदन कुमार ने बताया कि जल्द ही इसे खोलने की तारीखों का ऐलान कर दिया जाएगा।
फिलहाल 4 नवंबर को अमवा मन एक मीटिंग होने वाला है। उन्होंने बताया कि अमवा मन को केवल वाटर स्पोर्ट्स ही नहीं बल्कि तैराकी और कयाक जैसे स्पोर्ट्स में यहां के यूथ को कैसे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भेजें। इसको लेकर डिसकस होगा और आने वाले समय में स्टार्टअप जोन के सामानों को यहां कैसे बेचा जा सके इस सारी बातों को लेकर चर्चा होगी।

कहां है यह जगह
आमवा मन बेतिया जिला के मझौलिया प्रखंड क्षेत्र और एनएच 727 पर स्थित है। अमवामन को शीघ्र ही पर्यटन स्थल, वाटर एडवेंचर्स स्पोर्ट्स के रूप में विकसित करने का कार्य तेजी से किया जा रहा है. पिछले दिनों मोटर बोट, क्याक, टॉय राईड, जेट्स की स्कूटर और वाटर स्पोर्ट्स एक्टिविटी का सफल ट्रायल किया गया था. लेकिन, अमवामन आने वाले पर्यटक अब पैरासेलिंग का आनंद भी ले पाएंगे।
क्या क्या मिलेगी सुविधा
इसके साथ ही पैडल बोट, बनाना राइड, जेट स्की, जॉर्निंग रोलर, कनू, ट्री हाउस, फ्लोटिंग प्रोमिनेड का भी लुत्फ उठा सकेंगे।इसके तहत वाटर एडवेंचर्स स्पोर्ट्स में पर्यटकों की सुविधाओं के मद्देनजर सारी व्यवस्थायें की जा रही है। महिला-पुरुष के लिए अलग-अलग चेंजिंग रूम, शौचालय, पार्किंग स्थल आदि की व्यवस्था की गई है।सबसे खास बात यह है कि यह अमवा मन एनएच 727 पर है, जो पश्चिमी चंपारण की सीमा पर है और इसे अब पश्चिमी चंपारण का प्रवेश द्वार भी कहा जाने लगा है।
दरअसल जैसे ही लोग जिले की सीमा में प्रवेश करेंगे वैसे ही अमवा मन पर्यटकों का स्वागत करेगा। बता दें की अमवा मन में एक झील भी है और यह झील पहले सिर्फ ग्रामीण क्षेत्र के लोग मछली मारने का काम करते थे। लेकिन अब बिहार के पश्चिम चंपारण में भी गोवा जैसे आनंद के लिए देश-विदेश से पर्यटक पहुंचेंगे।



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