सीवान में एक मृतक का चिता जलाने के लिए लेकर पहुंचे परिजनों के साथ कुछ लोगों ने जमकर हंगामा किया इसके बाद श्मशान में सजाए गए चिता से लकड़ियां उठाकर सड़क पर फेंक दी गई। दोनों पक्षों में झड़प कुछ ऐसा बढ़ा की दोनों पक्षों में मारपीट की नौबत आ गई। मृतक का चिता जलाने को लेकर खूब हंगामा हुआ। बाद में घटना की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन की 3 गाड़ियां मौके पर पहुंच कर लोगों को काफी समझा-बुझाकर मामला शांत करवाया फिर मृतक के चिता को आग लगाई गई। पूरा मामला शुक्रवार की देर संध्या महाराजगंज थाना क्षेत्र के हाहवां गांव का है।/

श्मशान घाट पर जुटी लोगों की भीड़।
बताया जाता है कि महाराजगंज थाना क्षेत्र के हाहवां गांव निवासी 80 वर्षीय अदालत प्रसाद की मृत्यु होने के बाद उनके परिजन रंगीला प्रसाद समेत अन्य लोग उसके शव को लेकर जलाने के लिए श्मशान घाट पहुंचे थे। श्मशान घाट पहुंचकर मिट्टी काटकर लकड़ियों की चिता भी सजा दी गई।
इसी दौरान दूसरे पक्ष के मकरधुन यादव और उनके परिवार के लोगों ने श्मशान में अपना भूमि होने का दावा करते हुए शव जलाने से मना कर दिया। फिर बात बढ़ी तो मृतक के चिता पर सजी लकड़ियों को उठाकर सड़क पर फेंक दी गई। शव जलाने का विरोध कर रहे लोगों का कहना था कि उनके मकान और दुकान के सामने शव नहीं जलने देंगे यह भूमि उनकी है।
मामले में पुलिस को घंटों करना पड़ा हस्तक्षेप
इधर, दोनों पक्ष के बीच बिगड़ते माहौल को देखते हुए महाराजगंज थाने के PSI राकेश कुमार सिंह समेत कई पुलिस पदाधिकारी मौके पर पहुंचकर लोगों को घंटों समझा-बुझाकर मामले को शांत करें। उसके बाद मृतक की चिता को आग लगाई गई।
पुलिस की देखरेख में जलाई लाश
महाराजगंज थाना अध्यक्ष रणधीर कुमार ने बताया की हाहवां बाजार पर शव जलाने को लेकर दो पक्षों में विवाद हुआ था। एक पक्ष अपने मकान के सामने शव जाने से मना कर रहा था। वहीं दूसरा पक्ष पूर्वजों के समय से शव जलते आने की बात कर रहा था। पुलिस की देखरेख में लाश जलाई गई है।



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