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CoronaVirus से राम भरोसे ल’ड़ रहा है बिहार का ये जिला, थर्मल स्कैनर तक का नहीं हो सका जुगाड़, जानें…

कोरोना (Corona) को लेकर जहां पूरा देश हाई अलर्ट पर है वहीं बिहार का जमुई जिला बिना थर्मल स्कैनर के ही इस बीमा’री से ल’ड़ रहा है. जमुई जिला प्रशासन अ’लर्ट पर है लेकिन कोरोना के संक्रमण के भय से बाहर से जमुई लौटने वालों की जांच के लिए थर्मल स्कैनर (Thermal Scanner) नहीं है. लॉकडाउन (Lock Down) के बाद डीएम (DM) और एसपी (SP) सभी अधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये हर दिन स्थिति का जानकारी ले रहे हैं वहीं जिला प्रसाशन और स्वास्थ्य विभाग की बड़ी चुनौती है कि जो लोग दूसरे प्रदेशों से लौटे है उनकी स्वास्थ्य जांच हो जाये.

हांलाकि जिले के किसी भी सरकारी अस्पताल में थर्मल स्कैनर नहीं है जिससे दूर से ही उनके तापमान की जानकारी ली जा सके. दूसरे प्रदेशों और विदेशों से घर लौटने वाले लोगों पर जिला स्तर से गांव स्तर तक के सरकारी कर्मी निगरानी रखे हुए हैं. जिन लोगों को भी जुकाम, खांसी या बुखार की शि’कायत आ रही है उन्हें एम्बुलेंस से सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में चिकित्सक और कर्मी जांच कर रहें हैं. दूसरे प्रदेशों से जिले में आये लगभग 3 हजार लोगों की पहचान कर उनके स्वास्थ्य की निगरानी जिला प्रशासन द्वारा रखी जा रही है जिसके लिए गांव स्तर तक आशा कार्यकर्ता और एएनएम को जिम्मेदारी दी गई है.

विदेश से आ चुके हैं 134 लोग

विदेश से आये 134 लोगों में लगभग 115 लोगों की भी शि’नाख्त कर ली गई है. बाहर से आये सभी लोगों की स्वास्थ्य जांच भी कराई जा रही है. बाहर से आने वाले लोगों पर प्रखंड स्तर से गांव स्तर तक के सरकारी कर्मी जिसमें थानाध्यक्ष से लेकर चौकीदार और एएनएम और आशा कार्यकर्ता उनके घर पहुंच रहे हैं उनके स्वास्थ्य पर निगरानी रखी जा रही है. जिन लोगों को भी किसी तरह की शिकायत मिल रही ही उन्हें सदर अस्पताल पहुंचाया जा रहा है. स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक जिले में अभी तक कोरोना के दो संदिग्ध बीते सप्ताह ही मिले थे जिनकी जांच में रिपोर्ट निगेटिव आया था.

जिला स्वास्थ्य समिति के प्रबंधक सुधांशु कुमार ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बाहर से आने वाले जिले के 742 लोगों के स्वास्थ्य की जांच अभी तक 103 गांव में विजिट कर कर की है जिनमें अभी तक किसी को कोरोना के संदिग्ध के रूप में पहचान नहीं की गई है हालांकि इन सभी जांच हुए लोगों को होम क्वारेंटाइन में रहने का को कहा गया है मतलब वो घर में ही अकेले रहें. घरवालों से अलग और गांव से अलग.

स्वास्थ्य विभाग की सफाई

थर्मल स्कैनर के ना होने के बारे में बताते हुए जिला स्वास्थ्य समिति के प्रबंधक ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग को थर्मल स्कैनर के लिए लिखा गया है लेकिन अभी तक वो जिला को उपलब्ध नहीं हो सका है. हालांकि एक थर्मल स्कैनर का जुगाड़ किया गया है जिसका उपयोग सदर अस्पताल में होगा. विदेशों से या फिर दूसरे प्रदेशों से जमुई वापस लौटने वाले लोगों की स्वास्थ्य जांच को लेकर डीएम धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि अभी तक के लगभग जिले में 3 हजार लोगों की पहचान हो चुकी है जो लोग हाल के दिनों में दूसरे प्रदेशों से घर लौटे हैं. विदेशों से आने वाले लोगों की संख्या भी लगभग 134 है जो लोग भी बाहर से यहां लौटे हैं उनके स्वास्थ्य की निगरानी गांव स्तर से जिला स्तर तक की जा रही है. इसके अलावा जिले के प्रत्येक दसों प्रखंड में 100 बेड का आइसोलेशन वार्ड भी बनाया जा रहा है जहां जिनकी स्थिति खराब होगी या जो कोरोना के संदिग्ध होंगे उन्हें रखा जाएगा

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