लॉक डाउन के तीसरे दिन बुधवार को भी सड़कों पर बेवजह कई लोग घुमते नजर आए। जबकि एहतियात के तौर पर सरकार ने दवा, सब्जी, राशन, दूध की दुकानों के अतिरिक्त अन्य दुकानों को बंद करा दिया है। वहीं पुलिस द्वारा रोके जाने पर लोग डॉक्टरों के पर्चे दिखा रहे हैं। जगह-जगह पुलिस प्रशासन लोगों को समझाती नजर आई। पुलिस टीम ने सख्ती दिखाते हुए जब लोगों को रोकना शुरू किया तो कुछ ने पर्चे दिखाने शुरू किए। साथ ही दवा के नाम पर यहां से वहां जाने की बात करने लगे। सुरक्षा में लगे जवान भी दवा के नाम पर उन्हें जाने दिया।

लॉक डाउन के प्रति लोग नहीं दिखे गंभीर
लॉक डाउन 23 मार्च से लागू है। लगातार प्रचार प्रसार होने के बावजूद मंगलवार को लोग सड़कों पर दिखाई दिए। कहीं-कहीं पुलिस ने जब सख्ती दिखाई तो लोगों की भीड़ थोड़ी कम हुई। तकिया ओवरब्रिज पर तैनात पुलिस बल ने ओवरब्रिज को ब्लॉक कर दिया। इस वजह से आने वाले लोगों की भीड़ कम हुई। लेकिन पुलिस के हटते हैं फिर परिचालन शुरू हो गया।
बेवजह घरों से निकलना दे रहा खतरे को दस्तक
जिलेवासी लॉक डाउन को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग बार-बार यह बात लोगों के सामने रख रही है कि सुरक्षित रहने का सबसे बेहतर उपाय भीड़भाड़ से बचना है। लेकिन जिलेवासियों को अभी यह लग रहा है कि हम स्वस्थ हैं। हमलोग कोरोना के चपेट में नहीं आ सकते हैं। यहीं सोंच इटली के साथ कई यूरोपीय देशों के लोगों ने सोंचा था, आज परिणाम सबके सामने है। जिलेवासी अभी नहीं चेते तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।





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