मुजफ्फरपुर के महंत दर्शन दास महिला विश्वविद्यालय (MDDM) में हिजाब को लेकर जमकर हंगामा हुआ है। प्रिंसिपल ने बताया कि कॉलेज में रविवार को सेंटअप परीक्षा ली जा रही थी। इसी दौरान कुछ लड़कियां हिजाब पहने बैठी थीं। शिक्षक को ब्लूटूथ पहनने का शक हुआ तो छात्राओं को हिजाब हटाकर कान दिखाने को कहा। इतने पर वो भड़क गईं। और परिवार को बुला लिया। छात्राओं का आरोप है कि शिक्षकों ने जबरन हिजाब हटाने को कहा। उन्हें देशद्रोही बताया और पाकिस्तान जाने को कहा
यह है पूरा मामला
कॉलेज की छात्रा अदिवा ने बताया कि कॉलेज में आज सेंटअप परीक्षा ली जा रही थी। इसी दौरान कुछ छात्राएं हिजाब पहनकर परीक्षा देने पहुंची। क्लासरूम में शिक्षक रवि भूषण ने उन्हें हिजाब हटाने को कहा। कहा की ब्लूटूथ लगाकर आई हो। हिजाब हटाओ। छात्राओं ने कहा की आप महिला गार्ड को बुला लीजिए और जांच कर लीजिए। अगर कोई भी आपत्तिजनक सामान निकला तो वे लोग बिना परीक्षा दिए चली जाएंगी। छात्राओं का आरोप है की शिक्षक उनकी बातों को नहीं माने। कहने लगे की हिजाब हटाकर फेंक दो।

हिजाब विवाद के बाद छात्राओं ने अपने परिवार को बुलाकर हंगामा शुरू कर दिया।
पाकिस्तान जाने की बात बोलने का आरोप
छात्राओं ने शिक्षक शशिभूषण पर आरोप लगाया की उन्होंने छात्राओं को देशद्रोही तक कह डाला। कहने लगे की रहते हो यहां और गाते हो वहां का। पाकिस्तान ही चले जाओ। इसी बात को लेकर छात्राएं भड़क उठी और जमकर हल्ला हंगामा होने लगा। फिर वे लोग बिना परीक्षा दिए बाहर निकल गई और गेट पर प्रदर्शन करने लगी।

परीक्षा से पहले लड़कियों के मोबाइल फोन रखवाती प्रिंसिपल।
जबरन धर्म से जोड़ रही हैं छात्राएं: प्रिंसिपल
कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ कनु प्रिया ने कहा कि ये सब माहौल खराब करने की एक साजिश है। कॉलेज का इतिहास काफी पुराना है। सभी इंटर की छात्राएं थीं। इन लोगों को मोबाइल हटाने और ब्लूटूथ हटाने को कहा गया था। लेकिन, इन्होंने इसे अलग इशू बना लिया और धर्म से जोड़कर विवाद करने लगी।
ये बहुत ही शर्मनाक बात है। इन छात्राओं का एटेंडेंस भी 75% से कम है। अब तो शिक्षा मंत्री और यूनिवर्सिटी का निर्देश है की इसे कम पर्सेंट वाले छात्राओं को फाइनल एग्जाम में बैठने नहीं दिया जायेगा। ये लोग बेवजह का दबाव बना रहे हैं। ताकि कॉलेज प्रशासन इनके सामने झुक जाए।
हिजाब की कोई बात नहीं थी और ये जिस शिक्षक पर आरोप लगा रही हैं। उन्होंने देशद्रोही और पाकिस्तान जाने जैसी कोई बात नहीं कही थी। ये लोग मनगढ़ंत बात बनाकर बेवजह मामले को तूल दे रहे हैं।
सूचना मिलने पर मिठनपुरा थानेदार श्रीकांत प्रसाद सिन्हा मौके पर महिला सिपाहियों को लेकर पहुंचे। छात्राओं को समझाने की कोशिश की। वे लोग पुलिस से भी जमकर उलझी और खूब वाद विवाद हुआ। कुछ देर बाद कॉलेज की प्राचार्या डॉ. कनु प्रिया पहुंची। उन्होंने किसी तरह सभी को समझाकर शांत कराया। छात्राएं शांत हुई। फिर एग्जाम देकर वहां से चुपचाप बाहर निकल गई।









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