बिहार के उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव गुरुवार की रात एनएमसीएच पहुंचे। उन्होंने इस दौरान डेंगू वार्ड का निरीक्षण किया। लोगों ने उनसे कहा कि नर्स दरवाजा बंद कर के सो जाती हैं। कहती हैं डिस्टर्ब नहीं करना। दवा बाहर से ला रहे हैं। पानी तक खरीदकर पीना पड़ता है। तेजस्वी यादव ने इस पर कहा कि व्यवस्थाएं दुरुस्त की जाएंगी। सुधार करेंगे जो गलत करेगा उसे सजा मिलेगी
उन्होंने डेंगू और सामान्य मरीजों को एक साथ भर्ती करने पर आपत्ति जताई। तेजस्वी यादव ने कहा कि इसके लिए अलग व्यवस्था करें। इस पर अधीक्षक डाॅ. विनोद कुमार सिंह ने कहा कि डेंगू के मरीजों को एमसीएच भवन में शिफ्ट करा दिया जाएगा।
मरीजों के परिजनों ने शिकायत की कि अस्पताल से दवा नहीं मिलती। इस पर तेजस्वी ने पूछा-ऐसा क्यों होता है? उन्होंने कहा कि मरीजों से शिकायत मिली है कि डॉक्टर और नर्सों का व्यवहार ठीक नहीं रहता है। साथ में स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत मौजूद थे।

लोगों की समस्याएं सुनते डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव।
तेजस्वी यादव ने करीब 50 मिनट तक एनएमसीएच के वार्डों का निरीक्षण किया। इस बीच वहां इलाज करा रहे कई मरीजों के परिजनों ने अपनी-अपनी समस्याएं उपमुख्यमंत्री को बताई तेजस्वी ने अस्पताल प्रबंधन को मरीजों को हो रही समस्याओं का समाधान करने का निर्देश दिया।

वार्डों का निरीक्षण करते डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव।
तेजस्वी यादव ने कहा कि वहां की समस्याओं को जल्द ही निदान करने के लिए स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत को इसके लिए कई निर्देश दिए हैं। अस्पताल की व्यवस्था, साफ सफाई और मरीजों को मिलने वाली दवा के साथ-साथ सुविधाओं के संबंध में भी विस्तृत जानकारी ली।
वहीं डेंगू के रोकथाम के लिए उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग और नगर विकास के अधिकारियों के साथ बैठक की। पटना जिले में डेंगू मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जिला प्रशासन ने परेशान मरीजाें की मदद के लिए सिविल सर्जन कार्यालय में कंट्रोल रूम बनाया है। बता दें कि पटना के अस्पतालों और लैब में हुई जांच में 406 पाॅजिटिव मिले। इनमें 166 मरीज पटना के हैं। पटना में अबतक 2528 लाेग पीड़ित हाे चुके हैं। इनमें 1563 पुरुष और 779 महिलाएं हैं।







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