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पटना : मछुआ टोली में 5 हजार लिपस्टिक से बनी प्रतिमा, मीठापुर में रौशनी से नहाया ‘केदारनाथ धाम’

बिहार में कोरोना की वजह से 2 सालों के बाद इस बार दुर्गा पूजा काफी धूमधाम से मनाया जा रहा है। दुर्गा पूजा के मेले का आगाज सप्तमी के दिन दुर्गा मां के पट खुलने के बाद से ही हो गया है। आठवें दिन देवी के दर्शन को लेकर पंडालों में भक्तों की भीड़ आनी शुरू हो गयी है। हालांकि सोमवार को पटना का मौसम बिगड़ गया। लेकिन उसके बाद भी काफी संख्या में लोगों की भीड़ पटना के पंडालों में देखने को मिली। पटना में बहुत जगह आकर्षित करने वाले पंडालों को बनाया गया। कहीं आपको फिल्म बाहुबली के महल के थीम पर पंडाल बनाया गया, कहीं मदुरई मीनाक्षी टेंपल के थीम पर।

इसी बीच मछुआ टोली के अमरूदी गली में मां दुर्गा की लिपस्टिक से बनी मूर्ति काफी आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। दूर-दूर से लोग इसे देखने के लिए आ रहे हैं। वहीं मीठापुरा के गोरिया मठ में उत्तराखंड के केदारनाथ मंदिर का थीम काफी चर्चा में है।

मां के चेहरे से लेकर साड़ी का डिजाइन सब कुछ लिपस्टिक से ही तैयार किया गया है।

मां के चेहरे से लेकर साड़ी का डिजाइन सब कुछ लिपस्टिक से ही तैयार किया गया है।

5 हजार लिपस्टिक का प्रयोग कर बनाई गई है मां दुर्गा की मूर्ति

वही इस मूर्ति को बनाने वाले चंदन कुमार ने बताया कि इस मूर्ति को तैयार करने में करीब 5 हजार लिपस्टिक का प्रयोग किया गया है। दुर्गा मां के चेहरे से लेकर साड़ी का डिजाइन सब कुछ लिपस्टिक से ही तैयार किया गया है। वही इस मूर्ति को बनाने का काम सबसे अंतिम समय में शुरू किया गया, ऐसा इसलिए क्योंकि इससे लिपस्टिक के गलने की संभावना कम हो गई। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इस मूर्ति को स्थापित करने के लिए पंडाल में पंखे या फिर कूलर का व्यवस्था किया जाएगा। ताकि मूर्ति को ठंडा रखा जाए जिससे लिपस्टिक गले नहीं।

वही इस पूजा समिति के सदस्य रंजन कुमार सिंह ने बताया कि हम लोग हर बार कुछ खास करने की कोशिश करते हैं। ताकि लोगों को वह चीज आकर्षित कर सकें। इस बार हम सबों के द्वारा महिलाओं के सौंदर्य को ध्यान में रखते हुए एक आकर्षण का केंद्र बनाया गया है जिसका नाम हमने रखा है “लिपस्टिक की प्रतिमा”। जिसे देखने लोग काफी मात्रा में पहुंच रहे है।

मूर्तिकार चंदन कुमार ने बताया कि हम लोग पिछले 10 सालों से इसी तरह के यूनिक मूर्तियों को हर साल तैयार करते हैं, और शहर के विभिन्न पूजा समिति को देते हैं। इसी तरह से हमने इस साल भी मकई, गेहूं, चिप्स, पापड़ से और लिपस्टिक से प्रतिमा को तैयार किया है। वहीं उन्होंने आगे बताया कि पिछले साल कोरोना को ध्यान में रखते हुए साथ ही लोगों को उसके लिए जागरूक करने के लिए हमने मास्क से मूर्ति बनाया था।

मंदिर के अंदर मां दुर्गा की भव्य प्रतिमा साथ ही भगवान शिव के साथ उग्र रूप में महिषासुर का वध करते विराजमान हैं।

मंदिर के अंदर मां दुर्गा की भव्य प्रतिमा साथ ही भगवान शिव के साथ उग्र रूप में महिषासुर का वध करते विराजमान हैं।

भोलेनाथ के साथ महिषासुर का वध करती दिख रही दुर्गा मां

बता दें कि इस केदारनाथ मंदिर को बनाने में करीब 15 से 20 लाख रुपए का खर्च हुआ है। इस पंडाल की ऊंचाई 45 फीट और चौड़ाई 35 फीट है। मंदिर के अंदर मां दुर्गा की भव्य प्रतिमा साथ ही भगवान शिव के साथ उग्र रूप में महिषासुर का वध करते विराजमान हैं। मां दुर्गा की मूर्ति 16 फीट ऊंची है।यह पंडाल बंगाल के मधुपुर से आए कलाकार ने बनाया है।

इस समिति के अध्यक्ष सुनील गुप्ता ने बताया कि यहां मां दुर्गा के बगल में भगवान शिव की प्रतिमा भी बनाई गई है।जो शिव शक्ति का रूप है।भगवान शिव की जटा पर मां गंगा विराजमान है, वही इस प्रतिमा के आगे एक सरोवर का निर्माण किया गया है, जो दर्शा रहा है कि भगवान भोलेनाथ की जटा से गंगा नदी निकल रही है।वहीं उन्होंने आगे बताया कि समिति की ओर से पूजा पंडाल में 3 दिन सप्तमी,अष्टमी और नवमी के दिन शाम में गंगा आरती की जा रही है। इस गंगा आरती में 10 ब्राह्मण विधिवत रूप से आरती करा रहे हैं।वहीं उन्होंने आगे कहा कि हम लोग सिर्फ केदारनाथ मंदिर के थीम को ही नहीं दर्शा रहे बल्कि उस मंदिर से जुड़ी सभी धार्मिक परंपराओं को भी श्रद्धालुओं को दिखाने का प्रयास कर रहे हैं।

सुरक्षा को ले कर किए गए पुख्ता इंतजाम

राजधानी पटना में दुर्गा पूजा और दशहरा को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई। वही संवेदनशील इलाकों में सादे वर्दी में भी पुलिस कर्मी की तैनाती की गई है। ट्रेनी अफसरों को भी विधि व्यवस्था में लगाया गया है।ताकि किसी भी तरह के दिक्कत का सामना लोगो को न करना पड़े।

प्रदूषण रोकने के लिए कृत्रिम तालाब में किया जाएगा विसर्जन

दुर्गा पूजा खत्म होने के बाद मूर्ति के विसर्जन का जब सिलसिला शुरू होगा, उसके लिए अभी से ही तैयारियां चल रही नगर निगम के द्वारा गंगा नदी से सटे घाटों के पास कृत्रिम तालाब का निर्माण किया जा रहा है। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि गंगा नदी में मूर्ति के विसर्जन करने से पानी काफी ज्यादा प्रदूषित होता था। इसी को रोकने के लिए कृत्रिम तालाब का निर्माण नगर निगम के द्वारा करवाया जा रहा है। इसे लेकर पूजा समितियों से भी मूर्ति का विसर्जन कृत्रिम तालाब में करने के संबंध में निर्देश जारी किया गया है।

सीएम नीतीश कुमार ने भी पटना के विभिन्न पूजा पंडालों में जाकर माता का दर्शन किया।

सीएम नीतीश कुमार ने भी पटना के विभिन्न पूजा पंडालों में जाकर माता का दर्शन किया।

सीएम नीतीश ने भी पटना के विभिन्न पूजा पंडालों में जाकर किया माता का दर्शन

बीतेदिन यानी सोमवार को सीएम नीतीश कुमार ने भी पटना के विभिन्न पूजा पंडालों में जाकर माता का दर्शन किया और राज्य में खुशहाली और अमन चैन की दुआ मांगी। बता दें कि आज सीएम नीतीश कुमार ने करीब 12 जगहों पर पूजा पाठ किया। वही तेजस्वी यादव भी मां शीतला मंदिर के शरण में पहुंचे और उन्होंने वहां विशेष पूजा अर्चना की।

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