दुर्गा पूजा के नौ दिवसीय पर्व का आज रविवार सबसे खास दिन है। सप्तमी तिथि पर मां दुर्गा के पूजा पंडालों के पट लगभग सभी जगह खुल गए। इसके साथ ही श्रद्धालुओं की भीड़ भी पंडाल में उमड़नी शुरू हो गई है। यह भीड़ शाम में ज्यादा होगी। दरअसल, बिहार में कोरोना की वजह से दो साल बाद इस बार दुर्गा पूजा धूमधाम से मनाया जाएगा।
इस बार पटना के कई इलाकों में लाखों रुपए खर्च कर काफी आकर्षक पंडाल बनाए गए है। पटना के पंडालों में कहीं पर आपको अमृत महोत्सव की झलक दिखेगी, तो कहीं मदुरई मीनाक्षी टेंपल के थीम पर पंडाल बनाए गए हैं।

इस पंडाल के निर्माण में स्टोन, शिप व शीशा समेत अन्य सामग्रियों का इस्तेमाल किया गया है।
इंडोनेशिया के प्रंबानन मंदिर की प्रतिकृति पंडाल
पटना के डाकबंगला चौराहे पूर्जा अर्चना होने के बाद पंडाल के पट खोल दिए गए। श्रद्धालु यहां पहुंच दुर्गा मां के प्रतिमा के दर्शन कर रहे हैं। इस बार यहां देश से बाहर इंडोनेशिया के प्रंबानन मंदिर की प्रतिकृति पंडाल के रूप में दिख रही है। इस पंडाल के निर्माण में पहली बार स्टोन, शिप व शीशा समेत अन्य सामग्रियों का इस्तेमाल किया गया है। लाइटिंग के जरिए दुबई का बुर्ज खलीफा व कंकाल द्वारा साईकिल चलाने के साथ कई दृश्य साकार होंगे। इस बार के पंडाल की ऊंचाई 90 फीट और चौड़ाई 55 फीट है।

यहां 40 फीट चौड़ा और 25 ऊंचा पंडाल बना है।
अमृत महोत्सव की दिख रही झलक
आर्य कुमार रोड, मछुआटोली में पूजा अर्चना होने के बाद पूजा पंडाल के पट खुल चुके हैं। इस बार यहां आजादी के 75 वर्ष के उपलक्ष्य में अमृत महोत्सव की झलक पूजा पंडाल में देखने को मिल रही है। यहां 40 फीट चौड़ा और 25 ऊंचा पंडाल बना है। यहां 62 साल से पूजा हो रही है। 10 भुजाओं वाली माता का आशीर्वाद स्वरूप भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

आम लोगों के लिए पूजा पंडाल के पट खोल दिए गए।
ठाकुरबाड़ी रोड में भी खुला पूजा पंडाल के पट
ठाकुरबाड़ी मंदिर में भी माता की भव्य आरती की गई। इसके बाद आम लोगों के लिए पूजा पंडाल के पट खोल दिए गए। इसके बाद से यहां पर सुबह से ही पूजा करने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ी पड़ी। यहां देवी के तीन स्वरूपों की प्रतिमाएं स्थापित की गई है।

लंगरटोली में पूजा के बाद खुला पंडाल के पट
सप्तमी के दिन पूजा होने बाद लंगरटोली में भी मां दुर्गा का पट खुल गया है। इसके बाद से भक्त पूजा और दर्शन के लिए पहुंचने लगे हैं। नवरात्र की षष्ठी तिथि से ही शहर में आस्था के साथ उत्सव का माहौल दिखने लगा है। 3 अक्टूबर सोमवार को महाष्टमी में माता महागौरी की पूजा के साथ श्रृंगार पूजा किया जाएगा। वहीं महानवमी दिन मंगलवार को सिद्धिदात्री माता का पूजा, दुर्गा सप्तशती पाठ का समापन, हवन, पुष्पांजलि व कन्या पूजन किया जाएगा। आश्विन शुक्ल दशमी बुधवार को विजयादशमी होगा।

बंगाली अखाड़ा में पंडाल के पट छठे दिन ही खोल दिए जाते हैं।
षष्ठी को ही खोल दिया गया बंगाली अखाड़ा पूजा पंडाल का पट







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