जेल में बंद निरक्षर कैदियों को अब अक्षर का ज्ञान कराया जाएगा। शिक्षा विभाग उन्हें अब साक्षर बनाएगा। आदर्श केंद्रीय कारा बेउर पटना और शहीद खुदीराम बोस केंद्रीय कारा मुजफ्फरपुर में बंद बंदियों को पढ़ना-लिखना सिखलाया जाएगा। पायलट प्रोजेक्ट के तहत पूरे राज्य से दो कारावासों का चयन किया गया है।
जन शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव सह निदेशक संजय कुमार ने इसको लेकर पटना और मुजफ्फरपुर के डीपीओ साक्षरता को इसकी जानकारी दी है। कहा गया है कि दोनों ही कारावासों में बंद पड़े कैदियों का शैक्षणिक संवर्धन किया जाए। साक्षरता कार्यक्रम का संचालन दोनों ही कारावासों में 10 अक्टूबर से शुरू किया जाएगा। डीपीओ साक्षरता इफ्तेखार अहमद ने बताया कि राज्य के दो केंद्रीय कारा में बंदियों को साक्षर बनाने के लिए साक्षरता कार्यक्रम की शुरूआत होनी है।
शिक्षा सेवकों को जिम्मेदारी
निरक्षर कैदियों को साक्षर बनाने की जिम्मेदारी शिक्षा सेवकों को सौंपी गई है। आदर्श केंद्रीय कारा बेउर पटना में 4 और शहीद खुदीराम बोस केंद्रीय कारा में 3 शिक्षा सेवकों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। इसकी रिपोर्ट भी निदेशालय को उपलब्ध करानी है। निदेशालय से कहा गया है कि जिस प्रखंड में केंद्रीय कारा अवस्थित है वहां के शिक्षा सेवकों को प्रतिनियुक्ति किया जाएगा।



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