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भागलपुर के महाशय ड्योढ़ी की दुर्गापूजा 500 साल पुरानी:अकबर शासनकाल से ही हो रही पूजा

भागलपुर जिले के चंपानगर स्थित महाशय ड्योढ़ी में मां दुर्गा की खास पूजा होती है। जनश्रुति के अनुसार यहां मां दुर्गा की प्रतिमा अकबर के शासनकाल से ही स्थापित होती आ रही है। जब से महाशय ड्योढ़ी निवासी श्रीराम घोष अकबर के कानूनगो बने थे, तब से पूजा और भव्य तरीके से होने लगी। पहले यहां सुबह-शाम शहनाई वादन होता था, जो अब अतीत के पन्नों में सिमट गया है।

करीब पांच सो साल पहले महाशय परिवार की रानी कृष्णा सुंदरी ने इस मंदिर में पूजा अर्चना करती थी। भक्त देवाशीष बनर्जी की मानें तो रानी कृष्णा सुंदरी शक्ति स्वरुपा मां दुर्गा से साक्षात्कार करती थीं। उन्हें स्वप्न आया था कि भैरव तालाब में भैरव जी की प्रतिमा है। जिसे वहां से निकाल कर महाशय ड्योढी मंदिर में स्थापित किया गया है। कहते हैं कि कोलकाता की काली एवं महाशय की दुर्गा विश्व प्रसिद्ध है। देश के कोने-कोने से यहां श्रद्धालु मन्नतें मांगने आते हैं और अपनी झोली भरकर जाते हैं।

यहां 17 दिनों तक होती है मां दुर्गा की पूजा

महाशय ड्योढ़ी के प्रांगण स्थित दुर्गा मंदिर में बंगाली विधि विधान से मां दुर्गा की पूजा की जाती है। नवरात्रा शुरू होने से एक सप्ताह पहले से इस मंदिर मे सबसे पहले बोधन घट भरने और कलश स्थापित कर मां दुर्गा का आवाहन किया जाता है। परिवार के वंशज महाशय अरविंद घोष ने बताया कि जब धरती पर अशांति फैल गई थी, तब इंद्र भगवान ने मां दुर्गा को अशांति को शांति में लाने के लिए धरती पर आने के लिए आवाहन किया था । तबसे नवरात्र के सात दिन पहले बोधन घट भरने ओर कलश पूजा करने की विधि है।

यहां सात दिन पहले बोधन कलश की स्थापना होती है। चार एवं सात पूजा को कौड़ी उछाला जाता है। जो यह कौड़ी पाते हैं वे अपने को धन्य समझते हैं। यहां कंधे पर मां दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन की परंपरा आज भी जीवंत बनी हुई है। महाशय ड्योढ़ी के मैदान में यहां एक माह तक मेला लगता है। लकड़ी सहित अन्य धातुओं से बनी चीजों की खूब बिक्री होती है।

दो साल बाद काफी भीड़ उमड़ने की संभावना

कोरोना काल के दो साल बाद बड़ी धूमधाम से इस बार दुर्गा पूजा मनाया जाएगा और दो साल से मेला का आयोजन नही हुआ था। लेकिन इस बार दुर्गा पूजा को लेकर मेला का आयोजन होना है, जिसको लेकर मंदिरों में काफी संख्या में श्रद्धालुओं के उमड़ने की संभावना बनी हुई है।

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