गाजियाबाद में संदिग्ध परिस्थितियों में एक एनआरआई डॉक्टर की मौ’त का मामला सामने आया है। पुलिस ने श’व को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है।
गाजियाबाद के विजय नगर सेक्टर-9 में रहने वाले डॉ. सौरभ सिंह जर्मनी के एक अस्पताल में सर्जन के पद पर तैनात थे। वह बुधवार को अपनी एसयूवी कार से वसुंधरा सेक्टर-5 स्थित अपने दोस्त और चचेरे भाई डॉ. नीरज और हिमांशु से मिलने आए थे।
पुलिस ने बताया कि देर रात सड़क पर कार के सामने आए व्यक्ति को बचाने के च’क्कर में उनकी कार हादसे का शिकार हो गई, जिसमें कार सवार डॉ. सौरभ सिंह की मृ’त्यु हो गई। वहीं, अन्य दो लोगों को भी चो’टें आई हैं।

घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने डॉक्टर सौरभ के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस एसयूवी सवार डॉ. नीरज और हिमांशु से भी पूछताछ कर रही है। वहीं, परिजन हत्या की आशंका जता रहे हैं।
नया मोटर वाहन कानून के बाद 15 हजार जानें बचाई गईं
देश में पिछले साल नया मोटर वाहन कानून लागू होने के बाद से 15 हजार लोगों की बचाने में सरकार सफल रही है और साथ ही इससे विभिन्न राज्यों में सड़क हादसों में होने वाली मौतों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान बताया कि नया मोटर कानून लागू हुए पांच महीने का समय बीत चुका है और इसके चलते 15 लोगों की जान बचाई जा चुकी है।
उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि साल 2016 में देशभर में सड़क हादसों में 1,50,785, साल 2017 में 1,47,913 और साल 2018 में 1,51,417 लोगों की जान चली गई थी, लेकिन नया कानून पास होने के बाद से सड़क हादसों में कमी दर्ज की गई है। इसके बाद गुजरात में सड़क हादसों में होने वाली मौतों में 14 फीसदी, उत्तर प्रदेश में 13 फीसदी, मणिपुर में 4 फीसदी, आंध्र प्रदेश में सात फीसदी, महाराष्ट्र में 6 फीसदी, हरियाणा में 1 फीसदी और दिल्ली में 2 फीसदी कमी आई है। हालांकि, दो राज्य ऐसे भी रहे, जहां हादसों में मौतों में वृद्धि दर्ज की गई जिसमें केरल में 4.9 फीसदी और असम में 7.2 फीसदी शामिल हैं। उन्होंने एक अन्य सवाल के जवाब में बताया कि वाहनों के लिए जारी किए जाने वाले फास्ट टैग की आपूर्ति में कोई कमी नहीं है।

तीन साल में 41 हजार दुर्घट’नाएं घ’टीं
नितिन गडकरी ने बताया कि 2016 से 2018 के दौरान तीन वर्षों में देश में शराब पीकर गाड़ी चलाने के कारण 40983 दुर्घटनाएं घटीं। गडकरी ने गिरिधारी यादव और रमा देवी के प्रश्न के लिखित उत्तर में 2016 से 2018 के दौरान श’राब पीकर गाड़ी चलाने के कारण हुईं दुर्घट’नाओं के आंकड़े दिए जिनके अनुसार 2016 में 14894, 2017 में 14071 और 2018 में 12018 दुर्घ’टनाएं घटीं।



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