निर्भया केचारों दो’षियों की फां’सी पर रोक लगाने वाली याचिका पर दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई फिलहाल रोक दी गई है। यहां पर पटियाला हाउस कोर्ट के जज धर्मेंद्र राणा सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार कर रहे हैं, जहां दोषी मुकेश ने तिहाड़ जेल में प्र’ताड़ना के आ’रोप की अ’र्जी दी है, जिस पर बृहस्पतिवार को ही सु’नवाई होनी है।
- इससे पहले दोनों पक्षों की बहस के बाद जज ने लंच से पहले फैसला सुरक्षित रख लिया था, लेकिन फिलहाल फैसला रोक दिया गया है।
- वहीं, सुन’वाई के दौ’रान डे’थ वारंट पर रोक लगाने वाली याचिका पर दोषि’यों के वकील एपी सिंह से अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र राणा (Additional Sessions Judge Dharmendra Rana) ने पूछा कि ऐसा कोई कानून बताएं जो इस मौके पर डेथ वारंट पर रोक लगाने में सक्षम हो। है कुछ ऐसा? इससे पहले दोषियों के वकील ने अक्षय कुमार सिंह की पत्नी पुनीता की त’लाक की याचिका, इंटरनेशनल कोर्ट में याचिका लंबित होने की बात कोर्ट में कही।
- सुनवाई के दौरान दो’षियों के वकील ने कोर्ट में जानकारी दी कि इंटरनेशनल कोर्ट में याचिका दायर की गई है, लेकिन कोरोना की वजह से सुनवाई नहीं हो पा रही है।

- लोक अभियोजक ने दो’षियों के वकील को लेकर कहा कि एपी सिंह हजारों अर्जियां दाखिल करें, लेकिन यह सब कानूनी विकल्प नहीं हैं। दोषियों के सभी विकल्प खत्म हो चुके हैं। कल के लिए तय फांसी नहीं रोकी जा सकती।
- थोड़ी देर पहले शुरू हुई सुनवाई कुछ देर के लिए टाल दी गई है, क्योंकि दो’षी मुकेश ने सुप्रीम कोर्ट में एक नई याचिका दायर कर जेल में प्रताड़ना का आ’रोप लगाया है और जांच की मांग की है।
- कुछ देर पहल ही पवन गुप्ता की क्यूरेटिव पिटीशन को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। लोक अभियोजक ने यह जानकारी पटियाला हाउस के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र राणा को दी है।
- अब फांसी रोकने की अर्जी पर सुनवाई शुरू होगी, दरअसल सुप्रीम कोर्ट में दायर अर्जी पर सुनवाई का इंतजार कोर्ट को भी था, क्योंकि अर्जी पर बिना फैसला आए सुनवाई को मतलब नहीं होता।
यहां पर बता दें कि दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट द्वारा जारी डेथ वारंट के मुताबिक, शुक्रवार सुबह चारों दोषियों (विनय कुमार शर्मा, पवन कुमार गुप्ता, मुकेश सिंह और अक्षय कुमार सिंह) को फां’सी दी जाएगी। डेथ वारंट के अनुसार, शुक्रवार सुबह 5:30 बजे चारों दोषियों को तिहाड़ जेल संख्या- 3 में फांसी दी जाएगी।





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