दिल्ली से आया बहरौली निवासी 45 वर्षीय संदिग्ध बुधवार सुबह मशरक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर से चकमा देकर भाग निकला और डाकघर परिसर के एटीएम में सो गया। उठा तो उसे देख हड़’कंप मच गया। वह मशरक बाजार में जिधर जाता था, लोग देखकर भागने लगते। यहां तक की ऑटो वाले भी गाड़ी छोड़ भागने लगे। अ’फरातफ’री का मा’हौल बना रहा।
मौके पर पहुंचे सीओ ललित कुमार सिंह, बीडीओ राजीव कुमार सिन्हा, थानाध्यक्ष रत्नेश कुमार वर्मा, अस्पताल प्रभारी डॉ. अनंतनारायण कश्यप ने उसे पकड़वाकर एम्बुलेंस से सदर अस्पताल भिजवाया। वह दिल्ली में अकेले रहता था। उसकी शादी नहीं हुई है। मंगलवार को गांव पहुंचा तो गांव वालों को लगा कि उसमें कोरोना के लक्षण हैं।इसकी सूचना स्थानीय मुखिया अजीत कुमार सिंह को दी। मुखिया ने अस्पताल प्रशासन मशरक को सूचना दी। सूचना पाकर डॉ चन्द्रशेखर सिंह ने टीम भेजकर उसे पीएचसी बुलाया। यहां से उसे सदर अस्पताल भेजने की तैयारी की। उसी दौरान वह निकल भागा। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर अनंतनारायण कश्यप ने कहा कि उसे पीएमसीएच रेफर कर दिया गया है।

गोपालगंज जिले दो युवकों में कोरोना वायरस के संदिग्ध लक्षण पाए गए हैं, जिसके बाद दोनों युवकों को जांच के लिए पीएमसीएच पटना रेफर कर दिया गया है। दरअसल, सदर अस्पताल में विदेश से आए दो युवकों ने खां’सी-बु’खार की शि’कायत की थी। सदर अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने इन युवकों का प्राथमिक इ’लाज कर उन्हें पटना रेफर कर दिया है।
दोनों युवकों में कोरोना के संक्र’मण की आशंका को देखते हुए उनके बेहतर इलाज के लिए पीएमसीएच रेफर किया गया है। एक युवक मांझागढ़ का रहने वाला है जो नाइजीरिया से आया है, जबकि दूसरा उचकागांव प्रखण्ड का है जो सऊदी से आया है। चिकित्सकों ने बताया कि दोनों को खां’सी-बु’खार की समस्या थी।

बता दें कि गोपालगंज जिले में अब तक विदेश से आए 118 लोगों की कोरोना सं’क्रमण को लेकर जांच की गई है और सभी लोगों को आइसोलेशन में रहने की सलाह दी गई है। हालांकि पहले हुए सभी जांच रिपोर्ट निगेटिव पाए गए हैं, लेकिन एहतियात के तौर पर विदेश से आए लोगों की विशेष निगरानी की जा रही है। ऐसे लोगों को घर में अलग रहने की सलाह दी जा रही है।




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