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BreakingNews: हरिद्वार में हर-की-पौड़ी गंगा घाट पर 31 मार्च तक एंट्री बंद, जानें…

कोरोना वायरस का असर हर की पैड़ी पर होने वाली गंगा पर भी पड़ता दिख रहा है। बुधवार देर शाम को गंगा आरती को देखने के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ को देखने के बाद जिलाधिकारी सी रविशंकर ने गंगा आरती देखने पर रोक लगा दी है। यह रोक तब तक लागू रहेगी जब तक कोरोना का प्रभाव रहेगा।

हर की पैड़ी पर होने वाली गंगा आरती को देखने के लिए हजारों लोग हर की पैड़ी के घाटों पर उमड़ते है। हालांकि बीते दिन मंगलवार को श्री गंगा सभा की ओर से श्रद्धालुओं को सेनेटाइज करने का काम भी किया गया था। साथ ही हर की पैड़ी में सैनेटाइड छिड़काव भी किया गया था। लेकिन प्रशासन इस समय कोरोना को लेकर किसी तरह का जोखिम लेने को तैयार नहीं है।

श्री गंगा सभा के अध्यक्ष प्रदीप झा का कहना है कि देर शाम को जिलाधिकारी ने हर की पैड़ी क्षेत्र का निरीक्षण किया था। ऐसी विपदा की स्थिति में श्री गंगा सभा प्रशासन को पूरा सहयोग देगी। लाउडस्पीकर से श्रद्धालुओं को कोरोना बाचव को लेकर उन्हें जागरूक किया जा रहा है। सेनेटाइजर व अधिक से अधिक हाथ धोने से एक दूसरे दूरी बनाकर आरती देखने की सलाह दी जाती है।

उत्तराखंड सचिवालय बंद
राज्य सरकार ने कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सचिवालय को जहां एक हफ्ते के लिए बंद कर दिया है, वहीं राज्य के अन्य सरकारी, अर्द्ध सरकारी विभागों व निगमों के कर्मचारियों को 25 मार्च तक घरों से ही काम करने के आदेश कर दिए हैं।

आवश्यक सेवाओं के कर्मचारी रहेंगे उपलब्ध
प्रदेश में आवश्यक सेवाओं के कर्मचारी इस अवधि में दफ्तर आएंगे। इनमें स्वास्थ्य विभाग, पुलिस, परिवहन, खाद्य आपूर्ति, विद्युत, पेयजल और सफाई व्यवस्था से जुड़े कर्मचारी शामिल हैं। मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने सभी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिवों और विभागाध्यक्षों को इसका कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए।

उत्तराखंड में कोरोना के 97 फीसदी सैंपल नेगेटिव
प्रदेश में अब तक हुई कोरोना मरीजों के सैंपलों की जांच में 97 फीसदी की रिपोर्ट निगेटिव आई है। प्रदेश में अब तक सिर्फ एक ही मरीज में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। वह भी विदेश से संक्रमित होकर लौटा था। मंगलवार को भी छह संदिग्ध मरीजों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी की वायरोलॉजी लैब में कोरोना के सैंपल जांचे जा रहे हैं। लैब में 29 संदिग्ध मरीजों के सैंपल जांचे गए हैं। इनमें छह सैंपल कुमाऊं और बाकी सभी देहरादून से लिए गए संदिग्ध मरीजों के थे। जांच में अब तक केवल विदेश से लौटे प्रशिक्षु आईएफएस में कोरोना की पुष्टि हुई है।