जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण विभाग द्वारा जिले के 14 प्रखंडों के 53 गांव में सोमवार से कालाजार उन्मूलन को लेकर सिंथेटिक पायराथायराइड का छिड़काव किया गया।
छिड़काव का कार्य 5 सितंबर से 60 दिनों तक किया जाएगा। सिरका को लेकर जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण विभाग द्वारा सिरका कर्मियों को ट्रेनिंग दी गई है जिसमें उन्हें बताया गया है कि सिंथेटिक पायराथायराइड का छिड़काव ग्रामीण इलाके में घरों के अलावा गोशाला, बथान इत्यादि जगहों पर छिड़काव किया जाए। साथ ही यह भी बताया गया है कि घरों की दीवारों की छह फुट की ऊंचाई तक सिंथेटिक पायराथाइराइड का छिड़काव करना है। प्रभारी जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. दीनानाथ ने बताया कि कालाजार उन्मूलन के लिए निदेशक प्रमुख (रोग नियंत्रण) स्वास्थ्य सेवाएं, पटना डॉ. राकेश चंद्र सहाय वर्मा ने सभी जिले को पत्र भी लिखा है। जिसमें उन्होनें इस अभियान सफल बनाने की बात कही है। उन्होंने बताया कि सिंथेटिक पायराथायराइड छिड़काव के लिए अलग-अलग प्रखंडों के लिए अलग माइक्रो प्लान बनाया गया है।
कालाजार पीड़ित मरीजों को श्रम क्षतिपूर्ति के लिए 7100 रुपए की मदद
कालाजार मरीजों को जांच की सुविधा पीएचसी पर निशुल्क की जाति की जाती है। वेक्टर रोग नियंत्रण पदाधिकारी रविकांत ने बताया कि सरकार द्वारा कालाजार संक्रमित मरीजों को सरकारी अस्पताल में इलाज कराने के लिए श्रम क्षतिपूर्ति के रूप में 7100 की मदद की जाती है। साथ ही पीकेडीएल मरीजों को पूर्ण उपचार के बाद सरकार द्वारा 4000 रुपये श्रम क्षतिपूर्ति के रूप में दिये जाने के प्रावधान है। इसके अलावा आशा कार्यकर्ता को पॉजिटिव मरीजों का सहयोग करने पर प्रति मरीज 500 रुपये दी जाती है।



Leave a Reply