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BreakingNews: दो’षी पवन के नाबालिग होने का दावा खा’रिज होने पर निर्भया की मां बोलीं- ‘पूरी उम्मीद है कि कल मिलेगा इंसाफ’

सुप्रीम कोर्ट ने निर्भया मा’मले के दो’षी पवन गुप्ता की क्यूरेटिव पिटीशन खारिज कर दी है। दो’षी ने शुक्रवार सुबह साढ़े पांच बजे होने जा रही फां’सी से बचने के लिए ये पिटीशन लगाई थी। निर्भया की मां आशा देवी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में आज पवन की दूसरी क्यूरेटिव पिटीशन खारिज हो गई है और मुझे पूरी उम्मीद है कि कल दो’षियों को फां’सी मिलेगी और निर्भया को इं’साफ मिलेगा। आपको बता दें कि 20 मार्च को 7 साल पुराने निर्भया गैं’गरे’प मा’मले में चारों दो’षियों को फां’सी की स’जा होनी है, जिसके लिए तिहाड़ जे’ल में पूरी तैयारियां हो चुकी हैं। 

अदालत ने निर्भया के वकील से पूछा, अंतिम समय में अदालत क्यों पहुंचते हैं?

निर्भया दु’ष्कर्म व ह’त्या मा’मले में मौ”त की स”जा पाए दो’षियों का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील से बुधवार को यहां की एक अदालत ने स”ख्ती बरतते हुए पूछा कि वह हमेशा अंतिम समय में ही अदालत क्यों पहुंचते हैं। निर्भया के वकील ए. पी. सिंह लगातार दो’षियों की फां’सी की स’जा में देरी करने के लिए नए-नए तरीके खोजते रहे हैं। उन्होंने चारों दो”षियों को शुक्रवार को दी जाने वाली फांसी की सजा में देरी के लिए एक और प्रयास किया और उनके कानूनी उपाय लंबित होने का हवाला देते हुए एक बार फिर ट्रायल कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र राणा ने गुरुवार की रात 12 बजे तक तिहाड़ जे’ल अधिकारियों और राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी और कहा, “आप अंतिम समय में अदालत का रुख क्यों करते हैं?” लोक अभियोजक इरफान अहमद ने इसका विरोध किया। उन्होंने कहा, “कोई कानूनी उपाय लं’बित नहीं है। उनकी फां’सी के लिए सिर्फ 36 घंटे बाकी हैं।” निर्भया के दो’षियों को 20 मार्च की सुबह पांच बजकर 30 मिनट पर फां’सी होगी। अदालत की ओर से इससे पहले भी इनके डे’थ वारंट पर रो’क लग चुकी है। अब देखना यह होगा कि क्या इस बार भी ये कानूनी दांव-पेंच में उलझाकर डेथ वारं’ट पर रोक लगवा लेते हैं या उन्हें तय समय पर फां’सी मिलेगी।

फां’सी की तैयारियां पूरी, ज’ल्लाद ने चौथी बार परखे फां’सी देने के इंतजाम

तिहाड़ जे’ल में 20 मार्च को निर्भया के ह’त्यारों को लटकाये जाने की तैयारियां चौथी बार फिर जो’र-शो’र से शुरू हो गयी हैं। इसी क्रम में मंगलवार को यूपी के मेरठ से ज’ल्लाद पवन को भी तिहाड़ अधिकारी सुरक्षित ले आये। अब से कुछ देर पहले (बुधवार) को जल्लाद ने तिहाड़ जेल अधिकारियों की मौजूदगी में फां’सी देने का ‘डमी-ट्रायल’ भी किया। बुधवार को तिहाड़ में जल्लाद पवन द्वारा ‘डमी-ट्रायल’ किये जाने की पुष्टि में दिल्ली जे’ल के अपर महानिरीक्षक राज कुमार ने की। अपर महानिरीक्षक दिल्ली जेल के मुताबिक, “बुधवार को किया गया डमी ट्रायल रुटीन प्रक्रिया है। निर्भया के मुजरिमों को फां’सी देने के लिए पहली बार किये जा रहे डमी ट्रायल के वक्त हमारी चिंता ज्यादा थी।”

अपर महानिरीक्षक जेल राज कुमार ने बताया, “बुधवार को डमी ट्रायल तिहाड़ की तीन नंबर जेल परिसर में स्थित फांसी घर में किया गया। डमी ट्रायल के दौरान यूं तो मुख्य कार्य पवन (जल्लाद) का ही था। इसके बाद भी एहतियातन तिहाड़ जेल के संबंधित अधिकारी-कर्मचारी भी इस डमी ट्रायल के दौरान मौजूद रहे।” डमी ट्रायल के दौरान पवन जल्लाद और फां’सी घर में मौजूद जेल अफसरों ने आखिर क्या-क्या जांचा? पूछे जाने पर एआईजी जेल ने कहा, “दौरान-ए-फां’सी कहीं कोई व्यवधान उत्पन्न होने की कहीं कोई आशंका न रहे। मुख्य काम तो पवन को ही करना है। लिहाजा ऐसे में उन्हें ही सारे इंतजाम एक बार फिर से देखने थे। इसलिए जेल प्रशासन ने उनके (पवन ज’ल्लाद) कहे मुताबिक डमी-ट्रायल का इंतजाम किया था। यह डमी ट्रायल अब से थोड़ी देर पहले ही किया गया। डमी ट्रायल करीब आधा घंटा चला।”

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